Himachal Pradesh News: हिमाचल में पंचायत चुनावों का माहौल काफी गर्म हो गया है। शुक्रवार को नामांकन वापसी के बाद बड़ा रिकॉर्ड सामने आया। प्रदेश भर में कुल 104 पंचायतें बिना वोटिंग के सर्वसम्मति से चुनी गई हैं। राज्य सरकार इन निर्विरोध पंचायतों को विकास के लिए 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देगी। बाकी जगहों पर 26, 28 और 30 मई को तीन चरणों में सीधा मतदान होगा। कांगड़ा और किन्नौर के अंतिम आंकड़े आना बाकी हैं।
शिमला ने मारी बाजी, हमीरपुर जिले में चुनाव अनिवार्य
निर्विरोध पंचायतें चुनने के मामले में शिमला जिला पूरे प्रदेश में सबसे आगे रहा है। यहां सबसे अधिक 42 पंचायतें बिना किसी चुनाव के चुनी गई हैं। इनमें नाहौल, मतियाना और देवरीघाट जैसी कई प्रमुख पंचायतें शामिल हैं। दूसरी तरफ हमीरपुर राज्य का एकमात्र ऐसा जिला बना है, जहां एक भी पंचायत में सर्वसम्मति नहीं बन पाई। वहां हर सीट पर प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला होगा और चुनाव प्रक्रिया का पूरी तरह कड़ाई से पालन किया जाएगा।
सिरमौर जिले में भी 25 लाख का इनाम पाने के लिए 24 पंचायतें निर्विरोध बनी हैं। राजगढ़ ब्लॉक की काथली भरण पंचायत में एक अनोखा मामला दिखा। यहां प्रधान पद के लिए 16 नामांकन हुए थे, लेकिन बाद में 15 लोगों ने नाम वापस ले लिए। इसके अलावा लाहौल-स्पीति में 17 पंचायतें सर्वसम्मति से चुनी गई हैं। सोलन जिले में 11 पंचायतों ने बिना चुनाव के अपने प्रतिनिधि तय कर लिए हैं। इनमें अर्की और नालागढ़ ब्लॉक भी शामिल हैं।
ऊना जिले की पांच पंचायतों के ग्रामीणों ने भी आपसी एकजुटता की एक शानदार मिसाल पेश की है। मंडी जिले में विधायक प्रकाश राणा की गृह पंचायत गोलवां सहित दो जगह निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। कुल्लू जिले की शियाह और नेऊली पंचायतों में पूरी टीम बिना विरोध के चुनी गई है। चम्बा जिले की करवाल और बिलासपुर की केवल छंदोह पंचायत में भी सर्वसम्मति बन गई। कांगड़ा के प्रागपुर ब्लॉक में भी स्थानीय निवासियों ने सीधे प्रतिनिधि चुन लिए।
हजारों प्रत्याशियों ने वापस लिए नाम, शुरू हुआ धुआंधार प्रचार
राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार सबसे ज्यादा संख्या वार्ड सदस्यों की है जो निर्विरोध जीते हैं। शुक्रवार दोपहर तीन बजे नाम वापसी का समय खत्म होते ही प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह मिल गए। पूरे प्रदेश में 85 हजार से अधिक लोगों ने नामांकन भरा था। इनमें से दो हजार से ज्यादा दावेदारों ने अपना नाम वापस ले लिया। अब चुनाव चिन्ह मिलते ही मैदान में डटे सभी उम्मीदवारों ने अपना चुनाव प्रचार काफी तेज कर दिया है।
राज्य चुनाव आयोग ने मतदान वाले क्षेत्रों के लिए अपनी सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अधिकारियों के अनुसार चुनाव मैदान से नाम वापस लेने वालों का अंतिम आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। जिन इलाकों में सर्वसम्मति नहीं बनी है, वहां मतदाता अपने मनपसंद प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे। इन क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि मतदान शांतिपूर्ण रहे। प्रशासन ने लोगों से तय तिथियों पर भारी संख्या में वोट डालने की अपील की है।

