शिमला में बड़ा सियासी उलटफेर, मंत्री के करीबी को पटखनी देकर जुन्गा राजघराने के युवा वारिस ने रचा इतिहास

Shimla News: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के चमियाना जिला परिषद वार्ड से आई खबर ने सबको चौंका दिया है। देर रात घोषित चुनावी नतीजों में जुन्गा राजघराने के 29 वर्षीय युवा नेता खुश विक्रम सेन ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस परिणाम से सूबे की सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी को बहुत बड़ा झटका लगा है।

भारतीय जनता पार्टी समर्थित खुश विक्रम सेन ने मैदान में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी भूपेंद्र कंवर को रिकॉर्ड 9,982 मतों के भारी अंतर से पराजित किया। खुश विक्रम सेन को कुल 13,752 वोट मिले, जबकि उनके सामने चुनावी रण में उतरे भूपेंद्र कंवर महज 3,771 वोट ही हासिल कर सके।

चमियाना वार्ड बना प्रदेश का सबसे हॉट सीट

चमियाना जिला परिषद वार्ड का यह मुकाबला पहले से ही पूरे हिमाचल प्रदेश में सबसे ज्यादा चर्चित था। इस मुकाबले के नतीजों ने अब राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। युवा राजनेता खुश विक्रम सेन ने सक्रिय राजनीति के अपने पहले ही चुनाव में बहुत दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है।

युवा नेता खुश विक्रम सेन जुन्गा राजघराने के असली उत्तराधिकारी और दिवंगत वीर विक्रम सेन के बेटे हैं। उनकी माता विजय ज्योति सेन भी लंबे समय से सूबे की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने साल 2017 में भाजपा के टिकट पर कसुम्पटी विधानसभा सीट से चुनाव भी लड़ा था।

उच्च शिक्षा और खेती से जुड़ा है नाता

नवनिर्वाचित खुश विक्रम सेन की पहचान सिर्फ उनके शाही परिवार और राजघराने तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने देश की प्रतिष्ठित ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी से डिप्लोमेसी, लॉ एंड बिजनेस में उच्च शिक्षा हासिल की है। पढ़ाई पूरी करने के बाद से ही वे लगातार खेती-बाड़ी में हाथ बंटा रहे हैं।

चुनाव प्रचार के दौरान खुश विक्रम सेन ने खुद को हमेशा किसानों और ग्रामीणों की बुलंद आवाज बताया। उन्होंने जनता के बीच जाकर क्षेत्र के संपूर्ण विकास, बेहतरीन सड़क, साफ पानी और बेरोजगार युवाओं के जरूरी मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था, जिसे आम जनता ने पूरी तरह स्वीकार कर लिया।

प्रतिष्ठा की लड़ाई में कांग्रेस को लगा झटका

यह चुनावी मुकाबला सिर्फ जिला परिषद सदस्य चुनने तक सीमित नहीं था, बल्कि यह बड़े नेताओं की साख का सवाल था। पराजित भूपेंद्र कंवर को पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह का बेहद खास माना जाता है। वहीं, दूसरी तरफ खुश विक्रम सेन लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के ममेरे भाई हैं।

भारतीय जनता पार्टी ने राजघराने के इस युवा चेहरे पर भरोसा जताकर अपना दांव खेला था। चुनाव परिणाम ने अब पार्टी के उस फैसले को बिल्कुल सही साबित कर दिया है। चमियाना वार्ड में कांग्रेस की करारी हार लगातार तीन बार के विधायक रहे मंत्री अनिरुद्ध सिंह के लिए बड़ा झटका है।

Author: Sunita Gupta

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