Himachal Pradesh News: राज्य निर्वाचन आयोग ने बिलासपुर जिले की ग्राम पंचायत टाली में प्रधान पद का चुनाव अगले आदेश तक रद्द कर दिया है। आयोग को मिली शिकायतों और जिला प्रशासन की रिपोर्ट के बाद यह फैसला लिया गया। विवाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और मिड डे मील वर्कर के चुनाव लड़ने को लेकर सामने आया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त बिलासपुर ने आयोग को भेजी रिपोर्ट में बताया कि ग्राम पंचायत टाली में एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एक मिड डे मील वर्कर ने प्रधान पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान किसी भी प्रत्याशी ने सहायक रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष कोई आपत्ति दर्ज नहीं करवाई थी।
नामांकन जांच के दौरान नहीं उठी आपत्ति
रिपोर्ट के अनुसार, सहायक रिटर्निंग अधिकारी को उस समय संबंधित अभ्यर्थियों की पात्रता को लेकर कोई तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध नहीं थी। इसी कारण दोनों उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए गए। बाद में कुछ प्रत्याशियों ने इस मामले की शिकायत रिटर्निंग अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी के पास पहुंचाई।
शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले को राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष रखा गया। आयोग ने प्रारंभिक तथ्यों की समीक्षा के बाद प्रधान पद का निर्वाचन तत्काल प्रभाव से रद्द करने का आदेश जारी कर दिया। आयोग ने स्पष्ट किया कि इस मामले में आगामी आदेश जारी होने तक प्रधान पद के चुनाव की प्रक्रिया स्थगित रहेगी।
अन्य सभी पदों पर जारी रहेगा मतदान
राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी साफ किया है कि ग्राम पंचायत टाली में केवल प्रधान पद का निर्वाचन रोका गया है। पंचायत के अन्य सभी पदों के लिए चुनाव पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही कराए जाएंगे। इससे पंचायत चुनाव की बाकी प्रक्रिया पर किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा।
इस फैसले के बाद बिलासपुर जिले की पंचायत राजनीति में हलचल बढ़ गई है। स्थानीय स्तर पर चुनाव प्रक्रिया और उम्मीदवारों की पात्रता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन अब आयोग के अगले निर्देशों का इंतजार कर रहा है, जबकि संबंधित अधिकारियों से मामले की विस्तृत जानकारी भी मांगी गई है।
Author: Sunita Gupta


