Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में चार नगर निगमों के चुनाव परिणाम आने में अब केवल दो दिन बाकी हैं। राज्य चुनाव आयोग ने 31 मई को होने वाली मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन नगर निगमों के नतीजों पर राजनीतिक दलों और जनता की नजरें टिकी हुई हैं।
राज्य चुनाव आयोग के अनुसार मतगणना का कार्य सुबह नौ बजे से शुरू होगा। सभी नगर निगम मुख्यालयों में काउंटिंग की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में चार नगर निगमों के चुनाव 17 मई को करवाए गए थे। इस बार चुनाव पार्टी आधारित चुनाव चिन्हों पर हुए थे, जिससे मुकाबला और अधिक राजनीतिक हो गया।
कांग्रेस और भाजपा के लिए अहम परीक्षा
चारों नगर निगमों के परिणाम को सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नतीजे वर्ष 2027 विधानसभा चुनाव से पहले जनता के मूड का संकेत देंगे। कांग्रेस और भाजपा दोनों दल इन चुनावों को अपनी राजनीतिक ताकत साबित करने का बड़ा अवसर मान रहे हैं।
इन चुनावों के परिणाम से आने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति भी तय हो सकती है। दोनों प्रमुख दलों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकी थी। अब सभी की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं। चुनाव परिणाम के बाद 31 मई तक लागू आदर्श आचार संहिता भी समाप्त हो जाएगी।
नगर परिषदों के नतीजे पहले ही आ चुके
राज्य में 25 नगर परिषद और 22 नगर पंचायतों के चुनाव भी 17 मई को करवाए गए थे। इन निकायों की मतगणना मतदान वाले दिन ही पूरी कर ली गई थी। हालांकि चार नगर निगमों की काउंटिंग अलग से तय की गई, जिसके कारण जनता को परिणाम के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।
राज्य के 51 शहरी निकायों में कुल 449 पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। चुनाव आयोग ने 24 अप्रैल को चुनाव कार्यक्रम जारी किया था। नामांकन पत्र 29 और 30 अप्रैल को भरे गए थे। इसके बाद 17 मई को मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई थी।
चुनाव नतीजों पर पूरे प्रदेश की नजर
धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन नगर निगमों में इस बार मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है। कई वार्डों में कांटे की टक्कर देखने को मिली थी। यही कारण है कि चुनाव परिणाम को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता लगातार बढ़ रही है और समर्थक अब अंतिम नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नगर निगम चुनावों का असर प्रदेश की भविष्य की राजनीति पर भी दिखाई देगा। शहरी क्षेत्रों में जनता का रुझान किस दल की ओर है, इसका स्पष्ट संकेत इन नतीजों से मिलेगा। यही वजह है कि दोनों दलों ने काउंटिंग से पहले अपनी रणनीति और निगरानी बढ़ा दी है।
Author: Harikarishan Sharma


