सरायकेला के सरकारी वात्सल्य बालिका गृह से दो नाबालिग लड़कियां अचानक हुई लापता, दीवार फांदकर भागने का सनसनीखेज सीसीटीवी फुटेज आया सामने

Jharkhand News: सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ जन सहभागी विकास केंद्र द्वारा संचालित वात्सल्य बालिका गृह से दो नाबालिग लड़कियां रहस्यमय ढंग से लापता हो गई हैं। इस बड़ी घटना के बाद पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

यह गंभीर घटना बीते मंगलवार की बताई जा रही है। सुरक्षित माने जाने वाले बालिका गृह से दोनों बच्चियों के अचानक इस तरह गायब होने के बाद वहां की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था और संस्था की संचालन प्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। दोनों लड़कियां काफी समय से लापता हैं।

काफी खोजबीन के बाद भी जब दोनों बच्चियों का कहीं कोई सुराग नहीं मिला, तो परेशान बालिका गृह प्रबंधन ने तत्काल वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय पुलिस को मामले की लिखित सूचना दी। इसके तुरंत बाद ही गम्हरिया थाना में आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

चाइल्ड वेलफेयर के सदस्य ने दर्ज कराई लिखित शिकायत

इस संवेदनशील मामले को लेकर चाइल्ड वेलफेयर से जुड़े अधिकारी संतोष कुमार ठाकुर ने गम्हरिया थाना में एक लिखित शिकायत दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार फरार हुई पीड़ित लड़कियों में से एक बच्ची पटमदा थाना क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है।

वहीं दूसरी गायब लड़की कुचाई थाना क्षेत्र की मूल निवासी है। दोनों लड़कियां पूरी तरह नाबालिग हैं, जिसकी वजह से इस पूरे मामले को पुलिस प्रशासन बेहद गंभीरता से ले रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई है।

पुलिस की विशेष टीमों ने संबंधित रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, स्थानीय बाजारों और अन्य संभावित ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों बच्चियों की सुरक्षित बरामदगी के लिए हर संभव कानूनी और व्यावहारिक प्रयास किए जा रहे हैं।

मानव तस्करी और सुरक्षा में चूक के कोण से जांच शुरू

गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच के दौरान मानव तस्करी समेत अन्य सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रख रही है। गौरतलब है कि बीते 15 अप्रैल को ही नीतीश कुमार सिंह द्वारा इस नए वात्सल्य बालिका गृह का भव्य उद्घाटन किया गया था।

उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद ऐसी घटना सामने आने से संस्था की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठने लगी हैं। स्थानीय प्रबुद्ध लोगों और सामाजिक संगठनों का साफ कहना है कि जहां बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी हो, वहां से बच्चों का गायब होना अक्षम्य है।

विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक बालिका गृह में लगे सीसीटीवी कैमरों में दोनों लड़कियों की संदिग्ध गतिविधियां पूरी तरह कैद हुई हैं। फुटेज में कथित तौर पर दोनों बच्चियों को पीछे की ऊंची दीवार फांदकर बाहर की तरफ रात के अंधेरे में भागते हुए साफ देखा गया है।

जिला प्रशासन ने संस्थान से तलब की विस्तृत रिपोर्ट

हालांकि जिला पुलिस ने अभी तक इस सीसीटीवी फुटेज की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इस घटना के बाद यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या संस्थान में तय सुरक्षा मानकों का पूरी तरह ईमानदारी से पालन किया जा रहा था या नहीं।

नियमों के अनुसार ऐसे संवेदनशील बालिका गृहों में 24 घंटे हथियारों से लैस सुरक्षा गार्ड और महिला कर्मियों की सख्त निगरानी अनिवार्य होती है। फिलहाल जिला प्रशासन ने पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए प्रबंधन से एक विस्तृत आंतरिक रिपोर्ट तलब की है।

क्षेत्र के तमाम सामाजिक कार्यकर्ता और आम लोग पुलिस प्रशासन से दोनों मासूम बच्चियों की जल्द से जल्द सुरक्षित बरामदगी की पुरजोर मांग कर रहे हैं। पुलिस की कई खोजी टीमें पड़ोसी जिलों में भी छापेमारी कर सुराग तलाशने में जुटी हुई हैं।

Author: Rohit Mahato

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