Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में चल रहे पंचायत चुनाव के बीच शिमला जिला पुलिस ने एक बड़ा एक्शन लिया है। प्रशासन ने लाइसेंसी हथियार जमा न कराने वाले लापरवाह लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिला दंडाधिकारी के स्पष्ट आदेशों के बावजूद कई शस्त्र धारकों ने अपने हथियार थानों में जमा नहीं कराए।
चिडगांव और रोहड़ू थानों में कई लोगों पर केस दर्ज
पुलिस ने इस आदेश उल्लंघन मामले में तुरंत कड़ा संज्ञान लिया है। प्रशासन ने लापरवाही बरतने वाले लोगों के खिलाफ चिडग़ांव और रोहड़ू पुलिस थानों में मामले दर्ज कर लिए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पंचायत और नगर निकाय चुनावों को पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए यह कदम उठाया गया है।
जिला दंडाधिकारी ने चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी को हथियार जमा करने के निर्देश दिए थे। इसका मुख्य उद्देश्य मतदान के समय किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकना था। चिडग़ांव थाना क्षेत्र में कुल 712 लाइसेंसी हथियार दर्ज हैं, जिनमें से केवल 667 हथियार ही जमा हुए।
भारतीय न्याय संहिता और आयुध अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई
चिडगांव पुलिस ने आदेशों का पालन न करने वाले बाकी हथियार धारकों पर शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 (बी) और आयुध अधिनियम की धाराओं 25, 54 और 59 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब इन डिफॉल्टर्स पर नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।
वहीं रोहड़ू थाना क्षेत्र से भी बिल्कुल ऐसा ही लापरवाही का मामला सामने आया है। रोहड़ू इलाके में कुल 2,218 लाइसेंसी हथियार मौजूद हैं, लेकिन पुलिस के पास केवल 1,746 हथियार ही पहुंचे हैं। बाकी हथियार धारकों द्वारा सरकारी आदेश की अनदेखी करने पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया है।
Author: Sunita Gupta

