Delhi News: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च अदालत ने झारखंड हाईकोर्ट द्वारा उन्हें दी गई जमानत को रद्द करने से पूरी तरह इनकार कर दिया है।
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर झारखंड हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी। सीबीआई देवघर कोषागार मामले में लालू यादव की जमानत पर रोक लगाना चाहती थी। हालांकि शीर्ष अदालत ने जांच एजेंसी की इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया।
लंबित अपीलों को छह महीने में निपटाने के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि लालू यादव से जुड़े सभी लंबित मामलों की सुनवाई तेज की जाए। अदालत ने इन अपीलों का निपटारा छह महीने के भीतर करने को कहा है। इसके साथ ही कुछ कानूनी सवालों को आगे के लिए खुला रखा है।
जानिए क्या है पूरा चारा घोटाला मामला
यह मामला अविभाजित बिहार के पशुपालन विभाग में सरकारी खजाने से फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है। इस बड़े घोटाले का भंडाफोड़ वर्ष 1996 में हुआ था। इसके बाद मामले की पूरी जांच सीबीआई को सौंप दी गई थी।
इस घोटाले के सामने आने के बाद लालू प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। जांच एजेंसी का आरोप था कि वे इस पूरी साजिश में शामिल थे। लालू यादव को चाईबासा, देवघर, दुमका और डोरंडा कोषागार मामलों में दोषी ठहराया जा चुका है।

