Shimla News: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों की पेंशन और वेतन वृद्धि को लेकर अहम निर्णय दिया है। अदालत ने साफ किया कि नई चयन प्रक्रिया से दोबारा नौकरी पाने पर पुरानी एडहॉक सेवा का लाभ नहीं मिलेगा। कोर्ट ने इस संबंध में दायर एक याचिका को खारिज कर दिया है।
नई चयन प्रक्रिया के तहत मिली नियुक्ति पर लागू होगा नियम
मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि यदि किसी कर्मचारी की नियुक्ति पूरी तरह फ्रेश आधार पर हुई है, तो उसकी पुरानी तदर्थ सेवा नियमित नहीं मानी जाएगी। ऐसी स्थिति में वह पुरानी अवधि के लाभ का दावा नहीं कर सकता।
याचिकाकर्ता देश राज ने कोर्ट से मांगी थी पुरानी सेवा की मान्यता
यह मामला शिक्षा विभाग के शास्त्री शिक्षक देश राज की अपील पर आया है। उन्हें वर्ष 1981 में 89 दिनों के लिए जेबीटी शिक्षक के पद पर एडहॉक आधार पर रखा गया था। बाद में वर्ष 1996 में उन्होंने एक नई बैच-वार चयन प्रक्रिया में भाग लिया और सफल रहे।
याचिकाकर्ता देश राज ने अदालत से गुहार लगाई थी कि उनकी 1981 से 1996 तक की तदर्थ सेवा को नियमित सेवा का दर्जा दिया जाए। उन्होंने इसी सेवा अवधि के आधार पर पेंशन, सालाना वेतन वृद्धि और पुराने एरियर के भुगतान की मांग भी हाईकोर्ट के सामने मजबूती से रखी थी।
सरकारी वकील ने अदालत में पेश की नियमों से जुड़ी दलीलें
हिमाचल प्रदेश सरकार ने कोर्ट में दलील दी कि कर्मचारी की शुरुआती तदर्थ सेवा कभी नियमित नहीं हुई थी। वर्ष 1996 में हुई नियुक्ति बिल्कुल स्वतंत्र और नई प्रक्रिया का हिस्सा थी। इसका पहले की अस्थाई जेबीटी नौकरी से कोई भी कानूनी संबंध स्थापित नहीं होता है।
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के पास सेवा नियमों की कमी पाई
अदालत की खंडपीठ ने पूरे रिकॉर्ड का बारीकी से परीक्षण किया। कोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता ऐसा कोई भी ऑफिशियल लेटर या सर्विस रूल पेश नहीं कर सके, जिससे पुरानी तदर्थ सेवा को नई नियुक्ति के साथ जोड़ने का कानूनी अधिकार साबित होता हो। सबूत न होने से दावा कमजोर हुआ।
हाईकोर्ट ने सिंगल बेंच के पुराने आदेश को सही ठहराया
हाईकोर्ट ने एकल न्यायाधीश के पुराने आदेश को पूरी तरह सही माना और कर्मचारी की अपील खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि फ्रेश नियुक्ति की दशा में पुराने अस्थाई सेवा लाभ नहीं दिए जा सकते। यह निर्णय भविष्य के ऐसे सभी मामलों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा।

