Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से सियासी सरगर्मियां बहुत तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेता और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के एक ताजा बयान ने राज्य में मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
शिमला के विशेष दौरे पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मीडिया के सामने खुद को दिल्ली की राजनीति का स्थाई प्रतिनिधि बताया। उनके इस बड़े बयान ने उन तमाम अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है, जो उन्हें हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री पद का प्रमुख दावेदार मान रही थीं।
जेपी नड्डा ने जयराम ठाकुर को बताया प्रदेश का मुख्य चेहरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने नई पेंशन योजना और पुरानी पेंशन योजना से जुड़े गंभीर सवाल पूछे, तो नड्डा ने बड़ा राजनीतिक संकेत दिया। उन्होंने साफ कहा कि ओल्ड पेंशन स्कीम से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मामलों को राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और स्थानीय नेता ही मिलकर देखेंगे।
इस बड़े बयान को राजनीतिक विश्लेषक आगामी विधानसभा चुनाव के नेतृत्व से जोड़कर देख रहे हैं। जेपी नड्डा के इस संदेश से स्पष्ट हो गया है कि भाजपा आलाकमान आज भी हिमाचल प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के मजबूत और अनुभवी चेहरे पर ही सबसे बड़ा भरोसा जता रहा है।
पुरानी पेंशन योजना पर जयराम ठाकुर ने दी बड़ी चेतावनी
दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में पुरानी पेंशन योजना के दूरगामी परिणामों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के बाद राज्य में ओल्ड पेंशन स्कीम का असली और बेहद खतरनाक असर देखने को मिलेगा, जो प्रदेश के लिए अलार्मिंग होगा।
जयराम ठाकुर के अनुसार वर्ष 2027 के बाद कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की बड़ी शुरुआत होगी। इसके बाद राज्य सरकार के पास विकास कार्यों के लिए बजट की भारी कमी हो जाएगी। उन्होंने दावा किया कि वे कर्मचारियों के विरोधी नहीं हैं, बल्कि केंद्र की यूनिफाइड पेंशन स्कीम जैसी बेहतर व्यवस्था चाहते थे।
Reported By: Sunita Gupta

