Health News: देशभर में लगातार बढ़ती भीषण गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ तापमान के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस चिलचिलाती धूप के मौसम में लोगों के बीच डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक (लू लगना) और अत्यधिक थकान जैसी गंभीर समस्याएं बहुत तेजी से बढ़ रही हैं।
देश के जाने-माने स्वास्थ्य विशेषज्ञों और योग प्रशिक्षकों का मानना है कि इस कड़ी धूप में खुद को स्वस्थ, ठंडा और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए नियमित योगाभ्यास सबसे सरल और प्राकृतिक उपाय है। योग शरीर को अंदर से मजबूत और रोगमुक्त रखने में मदद करता है।
चिकित्सकों के अनुसार, विशेष प्राणायाम न केवल शरीर के आंतरिक तापमान (Internal Temperature) को पूरी तरह नियंत्रित करते हैं, बल्कि गर्मी के कारण होने वाले मानसिक तनाव, एंग्जायटी और चिड़चिड़ेपन को भी तेजी से कम करते हैं। इससे शरीर को तुरंत अद्भुत राहत मिलती है।
शीतलता प्रदान करने वाले खास प्राणायाम
योग विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों के दिनों में बहुत भारी व्यायाम या जिम करने के बजाय शरीर को शीतलता और शांति देने वाली क्रियाओं पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इस मौसम में शीतली प्राणायाम, शीतकारी प्राणायाम, भ्रामरी और शवासन का अभ्यास सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है।
शीतली प्राणायाम करने के लिए अपनी जीभ को बाहर निकालकर एक नली (रोल) की तरह मोड़ें और उसी के माध्यम से गहरी सांस अंदर खींचें। यह क्रिया शरीर का तापमान तुरंत कम करने और बढ़े हुए पित्त को शांत करने में रामबाण की तरह काम करती है।
शीतकारी प्राणायाम में अपने दांतों को आपस में सटाकर होंठों को खोलें और दांतों के बीच से ठंडी हवा अंदर खींचें। यह अभ्यास मुंह के सूखेपन को दूर करता है और बार-बार लगने वाली तेज प्यास से राहत दिलाकर शरीर को अंदर से कूल रखता है।
मानसिक शांति के लिए भ्रामरी और शवासन
भ्रामरी प्राणायाम और शवासन मानसिक शांति के लिए अत्यंत प्रभावी माने जाते हैं। भ्रामरी से दिमाग को तुरंत सुकून मिलता है, जबकि शवासन से पूरे शरीर की थकान दूर होती है, दिल की धड़कन सामान्य होती है और रक्तचाप (Blood Pressure) पूरी तरह नियंत्रित रहता है।
विशेषज्ञों ने सख्त सलाह दी है कि दोपहर की तेज धूप या बहुत गर्म माहौल में योग करने से हमेशा बचना चाहिए। योग का सबसे उपयुक्त और फायदेमंद समय सुबह की ठंडी हवा या शाम का वक्त है। इस मौसम में ताड़ासन, वृक्षासन और बालासन जैसे हल्के आसन ही करें।
घड़े के पानी और देसी खानपान की सलाह
आयुर्वेद और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, योग का पूरा लाभ तभी मिलेगा जब आप अपने खानपान में भी जरूरी बदलाव करेंगे। गर्मियों में फ्रिज के अत्यधिक ठंडे पानी के बजाय घड़े (मटके) के पानी को प्राथमिकता दें। यह सेहत के लिए अमृत समान माना जाता है।
शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को रोकने के लिए नियमित रूप से नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और पुदीने के रस का सेवन करें। इसके अलावा तरबूज, खीरा, ककड़ी और लौकी जैसी पानी से भरपूर सब्जियों को डाइट में शामिल करें। तीखे, मसालेदार और तले-भुने भोजन से पूरी तरह परहेज करें।
Author: Asha Thakur

