New Delhi News: आवारा कुत्तों के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट आज अपना अहम फैसला सुनाने जा रहा है। पिछले आदेशों में बदलाव की मांग वाली याचिकाओं पर यह फैसला आएगा। जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने लंबी सुनवाई के बाद 29 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस फैसले का देश को इंतजार है।
अदालत में पीड़ितों और पशु प्रेमियों दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें पेश की हैं। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने इस मामले को सुना है। पशु कल्याण बोर्ड और केंद्र सरकार ने भी अदालत में अपना पक्ष रखा है। सभी पक्षों को सुनने के बाद ही फैसला सुरक्षित रखा गया था।
कुत्ते काटने पर देना होगा भारी जुर्माना?
सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में कई सख्त टिप्पणियां की थीं। अदालत ने कहा था कि कुत्तों के काटने पर राज्यों को भारी हर्जाना देना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, कुत्तों को खाना खिलाने वालों की जवाबदेही तय हो सकती है। पिछले पांच सालों से नियमों का पालन न होने पर कोर्ट ने चिंता जताई थी।
हाईवे से हटेंगे आवारा जानवर
सुनवाई के दौरान भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के वकील ने भी अपना पक्ष मजबूती से रखा था। उन्होंने सात नवंबर, 2025 के अदालत के आदेश के पालन का पूरा ब्यौरा दिया। सुप्रीम कोर्ट ने प्राधिकरण को सभी राष्ट्रीय राजमार्गों से आवारा पशुओं को तुरंत हटाने और वहां सड़कों के किनारे बाड़ लगाने का सख्त आदेश दिया था।
न्यायालय ने भारतीय पशु कल्याण बोर्ड को भी अहम निर्देश दिए हैं। बोर्ड को पशु आश्रय स्थलों और जन्म नियंत्रण सुविधाओं के आवेदनों पर तेजी से काम करना होगा। अदालत ने साफ कहा कि गैर-सरकारी संगठनों के आवेदनों को तुरंत स्वीकार या अस्वीकार करें। पिछले आदेश के बाद से आवेदनों की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ी है।
आज आने वाला यह फैसला बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सात नवंबर वाले आदेश में बदलाव की मांग को लेकर कई याचिकाएं दायर हुई थीं। उस आदेश में अधिकारियों को सड़कों से कुत्तों को हटाने का निर्देश मिला था। अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट आज डॉग फीडर्स और आम जनता के लिए क्या आदेश जारी करता है।
Author: Adv Anuradha Rajput

