Delhi News: भारत में लोग कितनी गालियां देते हैं, इसे लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला सर्वे सामने आया है। सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन ने पूरे देश में यह सर्वे किया है। सर्वे के नतीजे बताते हैं कि हर दूसरा भारतीय बात-बात पर मां-बहन की गालियां देता है। इस शर्मनाक सूची में देश की राजधानी दिल्ली सबसे पहले स्थान पर मौजूद है।
फाउंडेशन के संस्थापक सुनील जगलान ने यह ‘गाली बंद अभियान’ चलाया था। यह महासर्वे ग्यारह साल तक चला। इसमें देश भर के सत्तर हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी राय दी। सर्वे के अनुसार अस्सी प्रतिशत दिल्ली वाले गालियां देते हैं। पंजाब अठहत्तर फीसदी के साथ दूसरे और उत्तर प्रदेश चौहत्तर फीसदी के साथ तीसरे नंबर पर है।
गाली देने में बिहार और राजस्थान भी आगे
इस सर्वे में बिहार का आंकड़ा भी उत्तर प्रदेश के बराबर चौहत्तर प्रतिशत ही है। राजस्थान अड़सठ प्रतिशत और हरियाणा बासठ प्रतिशत के साथ इस सूची में शामिल हैं। वहीं गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में यह स्तर मध्यम है। इन राज्यों में चालीस से पचपन प्रतिशत लोग गालियों का जमकर इस्तेमाल करते हैं।
देश के कुछ राज्यों ने इस मामले में काफी अच्छी मिसाल पेश की है। पूर्वोत्तर राज्यों और जम्मू-कश्मीर के लोग सबसे कम गालियां देते हैं। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, सिक्किम और मेघालय में सिर्फ पंद्रह प्रतिशत लोग ही गाली देते हैं। लक्षद्वीप और नगालैंड में यह आंकड़ा महज सोलह फीसदी है। अरुणाचल प्रदेश में भी यह अठारह प्रतिशत दर्ज हुआ है।
बॉलीवुड फिल्मों को भी बदलनी होगी अपनी सोच
सुनील जगलान ने बॉलीवुड फिल्मों पर भी कड़ा प्रहार किया है। उनका कहना है कि फिल्मों में हरियाणवी बोली को गाली-गलौज वाला दिखाया जाता है। इससे पूरे देश में गलत संदेश जाता है। गालियां महिलाओं का सीधा अपमान हैं और समाज को खोखला बनाती हैं। हमें अपने घरों से ही गालियां देना पूरी तरह बंद करना होगा।
Author: Gaurav Malhotra


