New Delhi News: देश की उच्च शिक्षा प्रणाली को नया रूप देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। उच्च शिक्षा आयोग (HEC) की स्थापना के लिए प्रस्तावित कानून की जांच कर रही संसदीय समिति मंगलवार को एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक करने जा रही है।
लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, ‘विकसित भारत शिक्षा आयोग विधेयक, 2025’ पर बनी संसद की संयुक्त समिति आज देश भर के प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों के शीर्ष विशेषज्ञों और कुलपतियों के साथ गहन विचार-विमर्श करेगी।
देश के शीर्ष संस्थानों के विशेषज्ञ होंगे शामिल
इस महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने के लिए देश के कई प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों को आमंत्रित किया गया है। समिति के सामने उपस्थित होने वाले दिग्गजों में आईआईटी मुंबई (IIT Mumbai) के निदेशक शिरीष केदारे और शिव नादर विश्वविद्यालय की कुलपति अनन्या मुखर्जी शामिल हैं।
इसके अलावा, भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (IIFT) के कुलपति राकेश मोहन जोशी और भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) की कुलपति डॉ. प्रज्ञा पालीवाल गौर भी अपने विचार रखेंगी। समिति शनमुघा आर्ट्स, साइंस, टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च एकेडमी के प्रतिनिधियों से भी बात करेगी।
दिसंबर में पेश किया गया था यह ऐतिहासिक विधेयक
भारत में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और स्वायत्तता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस नए आयोग का निर्माण किया जा रहा है। इसी लक्ष्य के साथ निर्मित ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक’ को पिछले साल 15 दिसंबर, 2025 को पहली बार लोकसभा में पेश किया गया था।
समिति आज गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय और आईआईटीडीएम कांचीपुरम जैसे बड़े संस्थानों के संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों के सुझावों को भी ध्यान से सुनेगी। विशेषज्ञों की इस राय के आधार पर ही विधेयक को और अधिक मजबूत और छात्र-केंद्रित बनाने की तैयारी की जा रही है।
Author: Rashmi Sharma

