India News: पश्चिम एशिया में गहराते संकट के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को भारत की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने मध्यम से दीर्घकालिक तैयारी और त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति की निगरानी के लिए गठित अनौपचारिक अधिकार प्राप्त मंत्री समूह की पहली बैठक की अध्यक्षता की।
ऊर्जा आपूर्ति और आवश्यक वस्तुओं पर हुई चर्चा
राजनाथ सिंह नेइंटरनेट मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा आपूर्ति के जोखिमों की समीक्षा करना था। आवश्यक वस्तुओं की घरेलू उपलब्धता, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के लचीलेपन और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती पर भी गहन मंथन हुआ। मंत्री समूह ने विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ने वाले प्रभाव का व्यापक जायजा लिया।
सतर्कता और सक्रिय दृष्टिकोण के निर्देश
रक्षामंत्री ने अधिकारियों और मंत्रियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने भविष्य की चुनौतियों के प्रति सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है। उन्होंने कहा कि सरकार संघर्ष के किसी भी प्रतिकूल प्रभाव से भारतीय लोगों को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
बैठक में शामिल हुए ये प्रमुख मंत्री
इस उच्च स्तरीय बैठक मेंकई प्रमुख मंत्री शामिल हुए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बिजली मंत्री मनोहर लाल और रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा मौजूद रहे। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू और उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी चर्चा में भाग लिया।


