Himachal News: हिमाचल प्रदेश में अब पीने का पानी और खेतों की सिंचाई पूरी तरह से सौर ऊर्जा पर निर्भर होने जा रही है। जल शक्ति विभाग ने भारी भरकम बिजली बिलों से छुटकारा पाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल की है। सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में इस पायलट प्रोजेक्ट की सफल शुरुआत हो चुकी है। इस नई व्यवस्था से न केवल करोड़ों रुपये की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण को भी बड़ा फायदा पहुंचेगा।
पांवटा साहिब तहसील की 10 पंचायतों के 21 गांवों में यह योजना जमीन पर उतर चुकी है। यहां 260 हैंडपंपों के बोर को पूरी तरह सौर ऊर्जा से जोड़ दिया गया है। सौर ऊर्जा से चलने वाली इन आधुनिक मशीनों के जरिए पानी को सीधे एचडीपीई टैंकों में सुरक्षित किया जा रहा है। हर एक हैंडपंप से रोजाना 30 से 40 लोगों को शुद्ध और पर्याप्त पीने का पानी आसानी से मिल रहा है।
इन सभी बोरवेल्स में लगभग दो हार्सपावर की क्षमता वाले स्वचालित सबमर्सिबल पंप लगाए गए हैं। अब ये सभी 260 बोरवेल पूरी तरह से सूरज की रोशनी से संचालित हो रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि स्थानीय ग्रामीण खुद ही इनका संचालन कर रहे हैं। पानी की इस महत्वाकांक्षी योजना पर करीब 888.39 लाख रुपये की लागत आई है।
विधानसभा में गूंजा मुद्दा, 44 नई योजनाओं को मिली हरी झंडी
विधानसभा सत्र के दौरान विधायक राकेश कालिया ने इस मुद्दे पर सरकार से सवाल पूछा था। इसके जवाब में उप मुख्यमंत्री ने सदन में कई अहम जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि प्रदेश भर में ऐसी 44 अन्य पेयजल योजनाओं को सौर ऊर्जा से संचालित करने की तैयारी है। इस कदम से बिजली बिलों में भारी कमी आएगी और निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
जल शक्ति विभाग अपने मौजूदा इन्फ्रास्ट्रक्चर का भी अब पूरा इस्तेमाल करने जा रहा है। विभाग की पुरानी पेयजल और सिंचाई योजनाओं के रूफ टॉप पर सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे। यह काम हिम ऊर्जा विभाग के साथ मिलकर संयुक्त रूप से किया जा रहा है। दोनों विभागों के संयुक्त निरीक्षण के बाद कई जगहों पर प्लांट लगाने का प्रस्ताव भी तैयार हो चुका है।
इन सोलर पावर प्लांट से पैदा होने वाली बिजली सीधे हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के ग्रिड में जाएगी। फिर इस बिजली को जल शक्ति विभाग की कुल मासिक खपत में समायोजित कर दिया जाएगा। उप मुख्यमंत्री ने सदन को यह भी भरोसा दिया है कि इस महत्वकांक्षी योजना में गगरेट विधानसभा क्षेत्र को भी प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।


