Bengaluru News: कर्नाटक की राजनीति में इस वक्त की सबसे बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने अपने पद से हटने का अंतिम फैसला कर लिया है। इसके साथ ही राज्य में सत्ता हस्तांतरण यानी नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
सिद्दरमैया ने गुरुवार सुबह कैबिनेट सहयोगियों के लिए एक खास ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई थी। इस बैठक में उन्होंने सभी मंत्रियों को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। इसके तुरंत बाद उन्होंने अपने इस्तीफे की बड़ी घोषणा करके राज्य के सियासी गलियारों में भारी सनसनी मचा दी।
राज्यपाल की अनुपस्थिति में कैसे होगा मुख्यमंत्री का इस्तीफा
राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने बैठक के बाद मीडिया को इस बड़े फैसले की जानकारी दी। इसी बीच राजभवन से एक बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री के इस्तीफे के एलान के वक्त राज्यपाल थावरचंद गहलोत कर्नाटक में मौजूद नहीं हैं, वे इंदौर गए हुए हैं।
राजभवन के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार राज्यपाल की अनुपस्थिति से इस्तीफे की कानूनी प्रक्रिया में कोई बड़ी बाधा नहीं आएगी। मुख्यमंत्री सिद्दरमैया राजभवन के सचिव को अपना आधिकारिक त्यागपत्र सौंप सकते हैं। राज्यपाल वापस लौटकर बाद में व्यक्तिगत रूप से इस इस्तीफे की पुष्टि करेंगे।
30 मई को नए सीएम के रूप में शपथ ले सकते हैं शिवकुमार
इस्तीफे के बाद सिद्दरमैया आज ही दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं, जहां वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी से वन-टू-वन मुलाकात करेंगे। सूत्रों के मुताबिक उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। वे आगामी 30 मई को मुख्यमंत्री पद की गोपनीयता की शपथ ले सकते हैं।
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर दोनों दिग्गज नेताओं के गले मिलने और पैर छूने की तस्वीरें जारी की हैं। पार्टी ने लिखा कि एकता ही कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत है। अगले 72 घंटे कर्नाटक की नई सरकार के गठन और नई कैबिनेट के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
क्या राज्यसभा जाएंगे सिद्दरमैया या बने रहेंगे केवल विधायक
अब सबसे बड़ा सस्पेंस सिद्दरमैया की भविष्य की राजनीतिक भूमिका को लेकर बना हुआ है। क्या वे हाईकमान के प्रस्ताव को स्वीकार कर राज्यसभा जाएंगे? सिद्दरमैया के करीबियों का कहना है कि वे दिल्ली जाने के बजाय कर्नाटक में ही रहकर विधायक बने रहना पसंद करेंगे।
गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने इस मुद्दे पर कहा कि सिद्दरमैया के भविष्य का अंतिम फैसला पूरी तरह पार्टी हाईकमान ही तय करेगा। उन्हें दिल्ली में कोई बड़ा सांगठनिक पद मिलेगा या नहीं, इस पर अभी सस्पेंस बरकरार है। फिलहाल पूरी कांग्रेस एकजुटता का संदेश देने में जुटी है।
Author: Harikarishan Sharma

