Himachal News: हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक नीरज भारती एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। उन्होंने नई जिम्मेदारी के लिए सोशल मीडिया पर आभार जताया। लेकिन उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का नाम नहीं लिया। उन्होंने अपने पिता और कैबिनेट मंत्री चौधरी चंद्र कुमार का भी जिक्र नहीं किया। इस बात को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी तीखी आलोचना हुई। विवाद बढ़ता देख नीरज भारती ने तंज कसते हुए अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की है।
संगठन से मिला पद, तो सरकार का आभार क्यों?
नीरज भारती को सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। लोगों ने मुख्यमंत्री और उनके पिता का नाम न लिखने पर कई सवाल उठाए। भारती ने आलोचकों को करारा जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह पद उन्हें कांग्रेस संगठन ने दिया है। इसलिए वह उसी का आभार जताएंगे जहां से आदेश जारी हुए हैं। भारती ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ अपने दशकों पुराने संबंधों का खास जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अग्निहोत्री ने ही उन्हें बुलाकर इस नई जिम्मेदारी पर चर्चा की थी। इसलिए उन्होंने विशेष तौर पर उपमुख्यमंत्री का धन्यवाद किया है। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस नियुक्ति पर मुख्यमंत्री सुक्खू से उनकी कोई बात नहीं हुई थी।
वीरभद्र सिंह का जिक्र कर सुक्खू पर कसा तंज
इस विवाद को धार देते हुए नीरज भारती ने एक पुराना राजनीतिक किस्सा छेड़ दिया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय राजा वीरभद्र सिंह और वर्तमान मुख्यमंत्री सुक्खू के पुराने रिश्तों का सीधा उदाहरण दिया। भारती ने तीखा सवाल पूछा। क्या सुक्खू ने प्रदेश अध्यक्ष बनने पर राजा साहब का शुक्रिया अदा किया था? उन्होंने बेबाकी से कहा कि वह केवल उन्हीं का आभार जता रहे हैं जिन्होंने उनका नाम आगे बढ़ाया। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में एक नई तीखी बहस छेड़ दी है। राजनीतिक गलियारों में इसे मुख्यमंत्री के प्रति भारती की खुली नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है।


