Washington News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के अंदर एक खतरनाक सैन्य अभियान शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। इस मिशन का उद्देश्य ईरान से लगभग 400 किलोग्राम से अधिक अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को निकालकर अमेरिका लाना है। यह यूरेनियम ईरान की परमाणु सुविधाओं में सुरक्षित रखा गया है। यह एक जोखिम भरा मिशन होगा, जिसके चलते अमेरिकी सेना को कई दिनों या उससे भी अधिक समय तक ईरान के अंदर रहकर काम करना पड़ सकता है।
मिशन के जोखिम पर ट्रंप कर रहे विचार
राष्ट्रपतिट्रंप ने अभी यह तय नहीं किया है कि वे इस तरह के ऑपरेशन को मंजूरी देंगे या नहीं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ट्रंप अमेरिकी सेना को होने वाले जोखिम पर गहन विचार कर रहे हैं, लेकिन वे इसके लिए तैयार हैं। ट्रंप बार-बार यह कहते रहते हैं कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
कूटनीति भी है विकल्प, नहीं माने तो जबरदस्ती
रिपोर्ट बतातीहै कि सैन्य अभियान के विकल्प के साथ ही ट्रंप कूटनीतिक समाधान पर भी जोर दे रहे हैं। इसके तहत ईरान किसी समझौते के तहत अपना संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को सौंप सकता है। ट्रंप ने सलाहकारों और सहयोगियों को साफ कर दिया है कि तेहरान को संवर्धित यूरेनियम अपने पास रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बातचीत में ईरान इसे सौंपने से इनकार करता है, तो इसे जबरदस्ती हासिल किया जा सकता है।
ईरान के पास कितना यूरेनियम है?
इजरायल और अमेरिकाने जून 2025 में ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हमला बोला था। हमले से पहले ईरान के पास 400 किलोग्राम से अधिक यूरेनियम था, जो 60 फीसदी तक संवर्धित था। इसके अलावा ईरान के पास 200 किलोग्राम 20 फीसदी संवर्धित यूरेनियम भी था। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी के अनुसार, इस सामग्री का अधिकांश हिस्सा इस्फहान में एक अंडरग्राउंड सुविधा और नतांज में एक भंडार में मौजूद है। जून में हुए हमले के बावजूद यूरेनियम अभी भी सुरक्षित माना जा रहा है।
तेल पर भी ट्रंप की नजर
यह जानकारीऐसे समय में आई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच अभी तक सीधी बातचीत शुरू नहीं हुई है, लेकिन मध्यस्थों के जरिए संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है। इस बीच ऐसी रिपोर्ट हैं कि वॉशिंगटन ईरान में व्यापक सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका खर्ग द्वीप पर कब्जा कर सकता है। यह ईरान का प्रमुख तेल टर्मिनल है, जहां से देश का 90 फीसदी तेल निर्यात होता है। रविवार को फाइनेंशियल टाइम्स के साथ एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वह ईरान का तेल लेना चाहते हैं।


