National News: नया वित्त वर्ष 2026-27 शुरू होते ही आम आदमी की जेब और टैक्स के नियमों में बड़े बदलाव हो गए हैं। एक अप्रैल से इनकम टैक्स के नए नियम देश में लागू हो चुके हैं। आयकर विभाग ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए नए आईटीआर (ITR) फॉर्म भी जारी कर दिए हैं। इन नए नियमों का सीधा असर नौकरीपेशा लोगों, पेशेवरों और पेंशन पाने वालों पर पड़ेगा। इस बार सरकार ने टैक्स चोरी रोकने के लिए रिपोर्टिंग को सख्त किया है। वहीं ईमानदार करदाताओं को कुछ मामलों में राहत भी दी है। टैक्स फाइल करते समय नियमों की अनदेखी आपको सीधा इनकम टैक्स का नोटिस दिला सकती है।
अब दो घरों की कमाई बताना हुआ मुमकिन
अब तक आईटीआर-1 और आईटीआर-4 फॉर्म भरने वाले लोग केवल एक मकान की आय की जानकारी दे पाते थे। लेकिन अब नियमों में बड़ी राहत दी गई है। अब करदाता दो घरों से होने वाली कमाई (Income from House Property) को भी फॉर्म में आसानी से दिखा सकेंगे।
चंदा देने वालों पर आयकर विभाग की पैनी नजर
अगर आप राजनीतिक दलों या संस्थाओं को चंदा देकर टैक्स बचाते हैं, तो सावधान हो जाएं। अब धारा 80G और 80GGC के तहत टैक्स छूट पाना आसान नहीं होगा। आपको चंदे का ट्रांजैक्शन रेफरेंस नंबर और राजनीतिक पार्टी का पूरा नाम फॉर्म में दर्ज करना होगा।
कैपिटल गेन्स हुआ आसान, लेकिन छिन गई यह राहत
निवेशकों के लिए एक अच्छी खबर है। साल 2024 के बजट के पहले और बाद के कैपिटल गेन्स को अलग-अलग दिखाने का झंझट अब खत्म हो गया है। इसे काफी सरल बना दिया गया है। वहीं, नौकरीपेशा लोगों को एक झटका भी लगा है। आईटीआर-1 और आईटीआर-4 फॉर्म से सैलरी एरियर पर मिलने वाली ‘रिलीफ 89A’ की सुविधा अब हटा दी गई है।
भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना फंसेगा रिफंड
टैक्स भरते समय कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है। अपना आईटीआर भरते समय उसे ‘एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट’ (AIS) से जरूर मिलाएं। आपकी ब्याज या डिविडेंड की कमाई का मिलान होना चाहिए, वरना तुरंत नोटिस आ जाएगा। इसके अलावा, अपना बैंक खाता प्री-वैलिडेट जरूर करें, ताकि आपका रिफंड न अटके। सबसे अहम बात, रिटर्न भरने के 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफिकेशन करना न भूलें। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपका रिटर्न भरा हुआ नहीं माना जाएगा।


