Meerut News: सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त या बेहद सस्ता इलाज तो मिल रहा है। लेकिन वहां की महंगी पार्किंग व्यवस्था अब तीमारदारों की जेब पर भारी पड़ रही है। ओपीडी पर्ची से कई गुना ज्यादा रकम सिर्फ वाहन खड़ा करने में खर्च हो रही है। इस समस्या से गरीब लोग काफी परेशान हैं।
मेरठ के एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज की ओपीडी के बाहर सुबह से ही मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है। यहां इलाज कराने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। डॉक्टरों के केबिन तक पहुंचने से पहले तीमारदारों को पार्किंग काउंटर पर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है।
मुफ्त इलाज पर भारी पड़ा पार्किंग का नया बोझ
कंकरखेड़ा से आए रामवीर सिंह ने बताया कि वे कम खर्च के कारण यहां आते हैं। लेकिन बार-बार बाइक निकालने पर ठेकेदार अतिरिक्त शुल्क वसूलते हैं। सरधना की सुनीता देवी के अनुसार इलाज तो सस्ता है पर गाड़ी खड़ी करने और उसे निकालने में बहुत ज्यादा समय बर्बाद होता है।
मेडिकल कॉलेज में दोपहिया वाहनों के लिए 20 से 30 रुपये प्रतिदिन का शुल्क तय है। वहीं चारपहिया वाहनों से 50 से 100 रुपये तक वसूले जाते हैं। दूसरी ओर जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और स्थानीय सीएचसी परिसरों में पार्किंग की कोई अधिकृत व्यवस्था ही नहीं की गई है।
बिना शेड और पानी के तप रहे हैं वाहन
अस्पताल परिसर में हर दिन करीब चार हजार से अधिक मरीज ओपीडी सेवाओं के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा आईपीडी के विभिन्न वार्डों में पांच सौ से ज्यादा गंभीर मरीज भर्ती रहते हैं। इनके तीमारदारों को मजबूरन ठेकेदारों द्वारा तय की गई मनमानी रकम चुकानी पड़ती है।
पार्किंग स्थलों पर मोटी फीस वसूलने के बावजूद सुरक्षा या बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह नदारद हैं। यहां तेज धूप से बचने के लिए कोई टीनशेड नहीं बनाया गया है। गर्मियों में गाड़ियां बुरी तरह तप जाती हैं। इसके अलावा पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं।
अस्पताल प्रशासन ने कार्रवाई का दिया भरोसा
मरीज के परिजनों का कहना है कि वे बीमारी और मानसिक तनाव के बीच अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में पार्किंग का यह अतिरिक्त खर्च उन्हें काफी चुभता है। हर्षित और परवीन जैसे तीमारदारों के अनुसार जांच और रिपोर्ट के चक्कर में पूरा दिन अस्पताल में ही बीत जाता है।
पीड़ितों ने गंभीर मरीजों, दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए पार्किंग शुल्क में पूरी छूट देने की मांग की है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा और सुचारू यातायात के लिए पार्किंग जरूरी है। नियमों के उल्लंघन और असुविधा की शिकायत मिलने पर ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
Author: Ajay Mishra


