Himachal News: हिमाचल प्रदेश की पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़े आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी चुनाव के समय किए गए अपने वादों को पूरी तरह भूल चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने राज्य के भाजपा सांसदों को भी आड़े हाथों लिया। उनका आरोप है कि भाजपा सांसदों ने संसद में हिमाचल की समस्याओं और हकों की आवाज कभी नहीं उठाई।
प्रतिभा सिंह ने आईएएनएस से खास बातचीत में अपने दर्द और गुस्से को बयां किया। उन्होंने साल 2022 के विधानसभा चुनावों की याद दिलाई। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंडी में एक विशाल रैली को संबोधित किया था। रैली में पीएम ने खुद को हिमाचल का बेटा बताया था। उन्होंने इस राज्य को अपना दूसरा घर बताते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिया था।
प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद प्रतिभा सिंह खुद प्रधानमंत्री से मिलने गई थीं। उन्होंने पीएम को उनके पुराने वादे याद दिलाने की कोशिश की थी। लेकिन उनका कहना है कि प्रधानमंत्री ने उनकी बातों को पूरी तरह अनसुना कर दिया। प्रतिभा सिंह ने निराशा जताते हुए कहा कि एक लंबा अरसा बीत गया है। ऐसा लगता है जैसे प्रधानमंत्री अपनी ही कही बातों को अब भूल चुके हैं।
त्रासदी में भी नहीं मिला केंद्र का साथ
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने हिमाचल में आई भयानक प्राकृतिक आपदा का जिक्र किया। इस भीषण त्रासदी में राज्य के कई लोगों ने अपनी जान गंवा दी। पूरे प्रदेश को भारी आर्थिक और ढांचागत नुकसान झेलना पड़ा। प्रतिभा सिंह ने दुख जताया कि इतने मुश्किल समय में भी केंद्र सरकार ने राज्य की कोई मदद नहीं की। उन्होंने प्रदेश के सभी भाजपा सांसदों को पत्र लिखकर साथ चलने की अपील की थी।
उन्होंने सांसदों से प्रधानमंत्री के सामने मिलकर आवाज उठाने का आग्रह किया था। लेकिन किसी भी भाजपा सांसद ने उनके इस पत्र का कोई जवाब नहीं दिया। अगर भाजपा सांसद चाहते तो मजबूती से अपनी बात रख सकते थे। दुख की बात यह है कि केंद्र ने राज्य की रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट भी पूरी तरह बंद कर दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू लगातार इस मुद्दे को केंद्र के सामने उठा रहे हैं।
प्रतिभा सिंह ने स्थानीय भाजपा नेताओं की बयानबाजी पर भी सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता केवल अखबारों में बयान दे रहे हैं कि केंद्र से मदद आ रही है। लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। हिमाचल को जमीन पर केंद्र की ओर से एक रुपये की भी मदद नहीं मिली है। संकट के समय राजनीति से ऊपर उठकर काम होना चाहिए था। लेकिन भाजपा ने ऐसा बिल्कुल नहीं किया।


