बिना डॉक्टर की सलाह के गर्भपात की दवाएं खाना पड़ सकता है भारी, महिलाओं में तेजी से बढ़ रहा है बांझपन का खतरा

Health News: बिना डॉक्टरी सलाह के मेडिकल स्टोर से गर्भपात की दवाएं खरीदकर खाना महिलाओं के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। स्त्री रोग विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में मिलने वाली इन दवाओं का बार-बार सेवन महिलाओं को गंभीर रूप से बीमार कर रहा है। इससे गर्भाशय की बीमारियां, खतरनाक इन्फेक्शन और बांझपन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

अधूरा गर्भपात और ब्लॉक ट्यूब बन रही बड़ी मुसीबत

मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग में ऐसे गंभीर मामलों में अचानक बड़ी तेजी आई है। यहां लड़कियां और महिलाएं बिना किसी जांच के खुद ही इन दवाओं का सेवन कर रही हैं। वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वर्षा केसरी ने बताया कि अधूरा गर्भपात होने से गर्भाशय और नली में भयंकर संक्रमण फैल जाता है।

डॉ. केसरी के मुताबिक संक्रमण बढ़ने से महिलाओं की फेलोपियन ट्यूब हमेशा के लिए ब्लॉक हो जाती है। यह ब्लॉकेज भविष्य में गर्भधारण करने की संभावना को पूरी तरह खत्म कर देता है। इस समय मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में आने वाली लगभग 50 फीसदी महिलाएं इसी तरह की गंभीर समस्याओं से जूझ रही हैं।

बिना डॉक्टरी जांच के दवा लेने के गंभीर नुकसान

अस्पताल में इलाज के दौरान महिला मरीजों को विशेष परामर्श और सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्भपात की गोलियां हमेशा विशेषज्ञ की निगरानी में ही लेनी चाहिए। बिना जांच के दवा खाने से अत्यधिक ब्लीडिंग, खतरनाक इन्फेक्शन और शरीर में हार्मोनल असंतुलन पैदा हो जाता है।

अवैध रूप से इन दवाओं का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं में कई अन्य लक्षण भी दिख रहे हैं। इनमें मासिक धर्म का अनियमित होना, बच्चेदानी में गांठ बनना और पेट में असहनीय दर्द होना शामिल है। स्त्री रोग विशेषज्ञ इसे महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ मान रहे हैं, जिससे दूर रहना बेहद जरूरी है।

बदलती खराब लाइफस्टाइल भी बिगाड़ रही है फर्टिलिटी

विशेषज्ञों के अनुसार सिर्फ गर्भपात की दवाएं ही नहीं, बल्कि बिगड़ती जीवनशैली भी बांझपन का बड़ा कारण है। आजकल देर से शादी करना, अत्यधिक मानसिक तनाव और फास्ट फूड का बढ़ता सेवन नुकसान पहुंचा रहा है। इसके साथ ही पर्याप्त नींद न लेना और शारीरिक सक्रियता की कमी से बीमारियां बढ़ रही हैं।

यह खराब रूटीन महिलाओं के शरीर में हार्मोनल गड़बड़ियां पैदा करता है, जिससे उनकी फर्टिलिटी सीधे प्रभावित होती है। ऐसी स्थिति में महिलाओं को खुद से कोई भी दवा लेने से बचना चाहिए। गर्भ संबंधी किसी भी समस्या में हमेशा विशेषज्ञ डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

Author: Asha Thakur

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories