बीजेपी के इस कद्दावर नेता ने अचानक छोड़ी पार्टी, हाईकमान के मनाने के बाद भी नहीं माने और आखिरकार मंजूर हुआ इस्तीफा

Delhi News: भारतीय जनता पार्टी के भीतर एक बहुत बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। केंद्रीय नेतृत्व ने तमिलनाडु प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई का इस्तीफा आखिरकार पूरी तरह स्वीकार कर लिया है। इस बड़े फैसले के बाद दक्षिण भारत की राजनीति में भारी हलचल मच गई है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इस्तीफे को दी मंजूरी

पार्टी आलाकमान की तरफ से आधिकारिक तौर पर के. अन्नामलाई के इस्तीफे को मंजूरी दे दी गई है। बीजेपी के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने इस संबंध में अंतिम फैसला लिया है। इसके साथ ही पूर्व आईपीएस अधिकारी का बीजेपी से सफर अब आधिकारिक रूप से खत्म हो गया है।

बीजेपी मुख्यालय से जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार अन्नामलाई ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से खुद को अलग कर लिया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उनके इस त्यागपत्र को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। अब वह पार्टी के किसी भी पद या सदस्यता पर नहीं हैं।

महासचिव अरुण सिंह के हस्ताक्षर से जारी हुआ पत्र

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह के हस्ताक्षरित पत्र में पूरी स्थिति साफ की गई है। इस विज्ञप्ति में स्पष्ट लिखा गया है कि के. अन्नामलाई अब भारतीय जनता पार्टी के प्राथमिक सदस्य भी नहीं रहे। उनके इस बड़े कदम से तमिलनाडु में पार्टी को तगड़ा झटका लगा है।

राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा काफी तेज है कि आखिर अन्नामलाई ने इतना बड़ा फैसला क्यों लिया। उन्होंने दो जून को दिल्ली आकर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष से लंबी मुलाकात की थी। इसी बैठक में उन्होंने अपने इरादे साफ कर दिए थे।

गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई गुप्त बैठक

दिल्ली दौरे के दौरान अन्नामलाई ने देश के गृह मंत्री अमित शाह के साथ एक बेहद गोपनीय बैठक भी की थी। शीर्ष नेताओं के साथ हुई इस उच्च स्तरीय चर्चा के दौरान उन्होंने बहुत ही सौहार्दपूर्ण माहौल में पार्टी की सदस्यता छोड़ने की अपनी अंतिम इच्छा जता दी थी।

इस अहम मुलाकात के खत्म होने के बाद अन्नामलाई वापस चेन्नई लौटने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट की तरफ रवाना हो चुके थे। वह अपनी निर्धारित फ्लाइट पकड़ने ही वाले थे कि अचानक बीजेपी आलाकमान ने उन्हें फोन करके वापस मुख्यालय बुला लिया, जिससे सस्पेंस बढ़ गया था।

बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने अन्नामलाई को रोकने और उनका मन बदलने की आखिरी समय तक भरपूर कोशिश की थी। इसके बावजूद वह अपने फैसले पर पूरी तरह अडिग रहे। आखिरकार आलाकमान को झुकना पड़ा और उनका आधिकारिक इस्तीफा पत्र मीडिया के लिए जारी कर दिया गया।

Author: Harikarishan Sharma

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