चंडीगढ़ भाजपा दफ्तर हमले में शिमला कनेक्शन का भंडाफोड़! ISI के इशारे पर रची गई थी सबसे खौफनाक आतंकी साजिश

Himachal News: चंडीगढ़ स्थित पंजाब भाजपा मुख्यालय पर हुए ग्रेनेड हमले की गुत्थी अब पूरी तरह सुलझ गई है। पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग और चंडीगढ़ पुलिस ने एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त गुप्त अभियान में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस आतंकी नेटवर्क के तार सीधे हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से जुड़े पाए गए हैं। इससे पुलिस महकमे में हड़कंप है।

विदेशी धरती से रची गई थी खौफनाक आतंकी साजिश

पुलिस की गहन जांच में यह पूरी तरह साफ हो गया है कि इस खौफनाक नेटवर्क को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का सीधा समर्थन प्राप्त था। इस आतंकी मॉड्यूल को पुर्तगाल और जर्मनी में बैठे विदेशी हैंडलर संचालित कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों में शिमला के रूबल चौहान का नाम शामिल है। इसके अलावा बलविंदर लाल, जसवीर सिंह, चरणजीत सिंह और मनदीप भी पकड़े गए हैं। विदेशी आका इन्हें सीधे निर्देश देते थे।

हथियार और ग्रेनेड सप्लाई करने में था बड़ा हाथ

एक अप्रैल को एक अज्ञात हमलावर ने भाजपा कार्यालय के बाहर बहुत खतरनाक ग्रेनेड फेंकने की कोशिश की थी। लेकिन निशाना चूक जाने के कारण वह ग्रेनेड बाहर ही गिर गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डंप डाटा की मदद से इन सभी आरोपियों को दबोचा है। जांच में यह बड़ी बात सामने आई है कि शिमला के रूबल चौहान ने मुख्य हमलावरों तक हथियारों और ग्रेनेड की खेप पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।

शिमला में स्लीपर सेल और फंडिंग की होगी जांच

हिमाचल प्रदेश जैसे बेहद शांत इलाके से आतंकी मॉड्यूल के सदस्य का पकड़ा जाना सुरक्षा पर बहुत बड़े और गंभीर सवाल खड़े करता है। चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस अब शिमला पुलिस से लगातार संपर्क साध रही है। शिमला पुलिस आरोपी रूबल के गांव और उसके दोस्तों से पूछताछ कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। पुलिस यह पता लगाएगी कि रूबल का कोई पुराना आपराधिक इतिहास तो नहीं है। फंडिंग की भी जांच होगी।

शिमला पुलिस करेगी जांच एजेंसियों का पूरा सहयोग

पुलिस यह भी खंगाल रही है कि क्या शिमला में कोई और स्लीपर सेल सक्रिय तो नहीं है। हमले से पहले या बाद में अन्य आतंकियों के शिमला में पनाह लेने की भी गहन जांच होगी। शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपना अहम बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पंजाब पुलिस की हरसंभव मदद की जाएगी। सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध करवाए जाएंगे।

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