हिमाचल कैबिनेट का बंपर फैसला, सुक्खू सरकार ने खोला नौकरियों का पिटारा और दी कर्मचारियों को बड़ी सौगात

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने राज्य के युवाओं और कर्मचारियों के लिए राहतों का पिटारा खोल दिया है। शिमला में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े ऐतिहासिक फैसले लिए गए। सरकार ने खारिज हो चुके करुणामूलक नौकरी के मामलों पर दोबारा विचार करने की मंजूरी दी है।

कैबिनेट ने मानवीय रुख अपनाते हुए नियमों में ढील देने का फैसला किया है। एक विशेष उपाय के तहत इन पुराने मामलों की दोबारा जांच की जाएगी। सरकार के इस कदम से उन परिवारों को सहारा मिलेगा जो लंबे समय से अनुकंपा के आधार पर रोजगार मिलने का इंतजार कर रहे थे।

किसानों के लिए विशेष ऋण योजना और नई अतिक्रमण नीति

कैबिनेट ने भूमिहीन और छोटे किसानों के हित में ‘सरकारी भूमि पर अतिक्रमण नियमितीकरण नीति-2026’ को मंजूरी दे दी है। यह नीति उन लोगों को राहत देगी जो कृषि या रहने के लिए सरकारी जमीन पर काबिज हैं। सरकार ने इस नीति को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्र के पास भेजा है।

इसके अलावा जिन किसानों की जमीन नीलाम होने की कगार पर है, उन्हें बचाने के लिए ‘कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना’ शुरू होगी। इसके तहत पात्र किसानों के तीन लाख रुपये तक के लोन पर पचास फीसदी ब्याज राज्य सरकार चुकाएगी। इस फैसले से छह हजार से अधिक किसानों को सीधा फायदा होगा।

स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में होगी बंपर भर्तियां

बेरोजगार युवाओं को बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग में तीन सौ डॉक्टर, दो सौ स्टाफ नर्स और ढाई सौ मल्टी टास्क वर्कर के पद भरने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट और लैब तकनीशियन सहित एक सौ बासठ तकनीकी पद भी जल्द भरे जाएंगे।

शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए मेडिकल कॉलेजों में पचहत्तर और हिमाचल विश्वविद्यालय में सत्रह सहायक प्रोफेसर रखे जाएंगे। लोक निर्माण विभाग में वर्क इंस्पेक्टर के चार सौ पद सृजित किए गए हैं। इन सभी पदों पर भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

कर्मचारियों को पूरा वेतन और फीस वापसी का फैसला

सरकार ने अध्ययन अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों को पूरा वेतन देने का ऐलान किया है। इकतीस मार्च दो हजार छब्बीस तक सात साल की सेवा पूरी करने वाले अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी बनाया जाएगा। जॉब ट्रेनीज को अब पंद्रह दिन का पितृत्व अवकाश भी मिल सकेगा।

कैबिनेट ने पूर्व हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग के अस्सी पोस्ट कोड के विज्ञापन वापस ले लिए हैं। इसके तहत अभ्यर्थियों को चार करोड़ सत्ताइस लाख रुपये की परीक्षा फीस वापस मिलेगी। इसके अलावा सोलन के शूलिनी मेले को अब राष्ट्रीय स्तर का दर्जा दे दिया गया है।

भर्तियों को सुचारू बनाने के लिए बनी उपसमिति

विभिन्न सरकारी विभागों में मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती को पारदर्शी और सुव्यवस्थित करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अगुवाई में एक विशेष मंत्रिमंडलीय उपसमिति बनाई गई है। यह उपसमिति भर्ती की पूरी रूपरेखा तय करेगी।

Author: Sunita Gupta

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