Delhi High Drama: दिल्ली में हिमाचल पुलिस का हाई वोल्टेज ड्रामा, कमरे में बंद समाजसेवी को अरेस्ट करने पर भारी हंगामा

Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली में आज एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा मामला सामने आया है। यहां हिमाचल प्रदेश के ज्वालामुखी थाने की पुलिस प्रसिद्ध समाजसेवी मुकेश कुमार को गिरफ्तार करने पहुंची। इसके बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ। मुकेश कुमार ने खुद को कमरे के अंदर बंद कर लिया है।

अरेस्ट वारंट और नोटिस दिखाने की मांग पर अड़े मुकेश

कमरे के भीतर बंद मुकेश कुमार ने पुलिस को साफ चेतावनी दी है। उन्होंने दरवाजे पर भीतर से कुंडी लगाकर पुलिस को अंदर आने से रोक दिया। समाजसेवी ने पुलिस टीम से अरेस्ट वारंट या कानूनी नोटिस दिखाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुलिस पहले गिरफ्तारी का ठोस कारण बताए।

सोशल मीडिया लाइव वीडियो में पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

मुकेश कुमार ने इस पूरे ड्रामे का सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो बनाकर जारी किया। उन्होंने हिमाचल पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ राजनीति के तहत आठ एफआईआर दर्ज करवाई गई हैं। यह सभी केस स्थानीय विधायक के करीबियों और बड़े ठेकेदारों ने दर्ज करवाए हैं।

विधायक को बदनाम करने की साजिश के दावों पर सवाल

लाइव वीडियो में समाजसेवी ने कई तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन पर विधायक को बदनाम करने के झूठे आरोप लगे हैं। लेकिन विधायक खुद एफआईआर दर्ज क्यों नहीं करवा रहे हैं। ठेकेदारों को आगे करके पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है, जो कानूनन पूरी तरह गलत है।

नोएडा पुलिस के सामने दिखाया उंगली पर लगी स्याही का निशान

मुकेश कुमार ने बताया कि वह पंचायत चुनाव के समय तीस मई को अपने गांव गए थे। वहां वह स्थानीय पुलिस थाने में भी हाजिर हुए थे। उन्होंने मौके पर मौजूद नोएडा पुलिस के जवान को अपने हाथ पर लगी चुनावी स्याही का निशान भी दिखाया और निष्पक्ष जांच की मांग की।

भ्रष्टाचार और अवैध खनन के खिलाफ लगातार उठाते हैं आवाज

आपको बता दें कि मुकेश कुमार ज्वालामुखी इलाके के जाने-माने समाजसेवी हैं। वह सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार, अफसरों की मनमानी और अनैतिक कार्यों के खिलाफ खुलकर आवाज उठाते हैं। उन्होंने पिछले कई वर्षों में अवैध खनन और वनों के अवैध कटान के कई बड़े मामलों को उजागर किया है।

बिना वारंट गिरफ्तारी पर सुप्रीम कोर्ट के कड़े दिशा-निर्देश

इस कार्रवाई से हिमाचल पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के नियमों के अनुसार पुलिस सात साल से कम सजा वाले मामलों में सीधे गिरफ्तार नहीं कर सकती। इसके लिए पहले धारा 35ए का नोटिस देना जरूरी है। बिना वारंट गिरफ्तारी मानवाधिकारों और अनुच्छेद 22 का गंभीर उल्लंघन है।

मकान मालिक ने पुलिस को दरवाजा तोड़ने से साफ रोका

ताजा जानकारी के अनुसार मुकेश कुमार अभी भी कमरे के अंदर ही बंद हैं। हिमाचल पुलिस ने एक बाहरी व्यक्ति को बुलाकर दरवाजा तोड़ने की कोशिश भी की। लेकिन मकान मालिक ने पुलिस को सख्त लहजे में रोक दिया। उन्होंने कहा कि दरवाजा तोड़ने पर वह पुलिस के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएंगे।

Reported By: Gaurav Malhotra

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