Varanasi News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बिजली के पोस्टपेड मीटरों को प्रीपेड स्मार्ट मीटरों में बदले जाने के बाद से उपभोक्ताओं की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शहर के विभिन्न वितरण खंडों और उपकेंद्रों पर हर दिन भारी संख्या में उपभोक्ता अत्यधिक बिजली बिल आने की शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं।
अधिकारियों के अड़ियल रुख से बढ़ी उपभोक्ताओं की मुसीबत
बिजली उपभोक्ताओं का आरोप है कि अधिकारी उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर बिल जमा करने का मानसिक दबाव बना रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि उपभोक्ताओं को नए स्मार्ट मीटर की रीडिंग और उसकी कार्यप्रणाली बिल्कुल समझ में नहीं आ रही है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
एक महीने में तीन से पंद्रह गुना तक बढ़े बिजली बिल
मछोदरी उपकेंद्र की उपभोक्ता सुमन देवी का जून का बिल 9,034 रुपये था, जो जुलाई में अचानक बढ़कर 51,334 रुपये हो गया। इसी तरह रामनगर के शमीम के घर सोलर पैनल लगे होने के बावजूद उनका बिल 5,200 रुपये से सीधे 10,130 रुपये पहुंच गया। विभाग को जुलाई के पहले हफ्ते में ही तीन से 15 गुना अधिक बिल आने की ढेरों शिकायतें मिली हैं।
हेल्पलाइन पर नहीं मिल रही राहत, सिक्योरिटी मनी में भी कटौती
मैदागिन उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले भूतभैरव निवासी सुनील का बिल भी जून में 13,231 रुपये से बढ़कर जुलाई में 17,261 रुपये हो गया। परेशान उपभोक्ताओं ने पावर कॉरपोरेशन के हेल्पलाइन नंबर 1912 और विभागीय ग्रुप्स पर भी अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन उन्हें कहीं से भी कोई ठोस राहत नहीं मिल पा रही है। इसके साथ ही अब बिलों में सिक्योरिटी मनी की कटौती भी शुरू हो गई है।
शिकायतों की जांच कराकर बिलों में सुधार का आश्वासन
वाराणसी जोन प्रथम के मुख्य अभियंता अनिल कुमार वर्मा ने इस पूरे मामले पर विभागीय पक्ष रखते हुए कहा कि पोस्टपेड से प्रीपेड हुए सभी उपभोक्ताओं को नियमानुसार सही बिल भेजे जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि किसी उपभोक्ता को खपत से ज्यादा बिल मिला है, तो उसकी तुरंत जांच कराकर उसमें आवश्यक संशोधन किया जाएगा।

