Auraiya News: उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत नए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के माटीकला से जुड़े शिल्पियों और पारंपरिक कारीगरों को स्वरोजगार के लिए जरूरी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
इन उत्पादों के उद्योगों के लिए मिलेगा सरकारी लोन
मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अन्ना सुधन ने बताया कि योजना के तहत खिलौना निर्माण, घड़े, सुराही, जग, कुल्हड़, गिलास और अचारदानी जैसी घरेलू वस्तुएं बनाने के लिए मदद मिलेगी। इसके अलावा फ्लोर टाइल्स, रूफ टाइल्स, वॉश बेसिन, गमला, लैंप और बोनसाई पाट्स जैसे आधुनिक उत्पाद बनाने के लिए भी उद्योग लगाए जा सकते हैं।
मिलेगा 10 लाख तक का कर्ज और 25 फीसदी सब्सिडी
योजना के अंतर्गत इच्छुक अभ्यर्थियों को विभिन्न बैंकों के माध्यम से 10 लाख रुपये तक का ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही सरकार की तरफ से स्वीकृत ऋण के पूंजीगत हिस्से पर 25 प्रतिशत तक का भारी अनुदान (सब्सिडी) भी दिया जाएगा, जिससे कारीगरों पर आर्थिक बोझ कम होगा।
विकास भवन में जमा कर सकते हैं अपना आवेदन
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होना अनिवार्य है। उद्योग स्थापित करने के इच्छुक सभी अभ्यर्थी अपना आवेदन पत्र जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, विकास भवन में जाकर जमा कर सकते हैं। इस पहल से पारंपरिक कला को नया जीवन और युवाओं को रोजगार मिलेगा।

