Auraiya News: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में स्वदेशी नस्ल की गायों की संख्या बढ़ाने और श्वेत क्रांति लाने के लिए दो बेहद महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं के तहत किसानों के साथ-साथ आम लोग भी साहीवाल, गीर और थारपारकर जैसी उन्नत स्वदेशी गायों को पाल सकते हैं। पशुपालन विभाग ने इसके लिए आवेदन लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
मिनी नंदिनी समृद्धि योजना में मिलेगी 50 फीसदी सब्सिडी
नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में लाभार्थियों को 50 प्रतिशत तक का भारी अनुदान दिया जा रहा है। इस योजना के तहत 10 स्वदेशी गायों की एक यूनिट (इकाई) स्थापित की जाएगी, जिसकी कुल अनुमानित लागत 23 लाख 60 हजार रुपये तय की गई है। इस योजना के लिए जिले को छह का लक्ष्य मिला है।
दो गायों की यूनिट पर 80 हजार रुपये की आर्थिक मदद
वहीं दूसरी ओर, मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजना के तहत सिर्फ दो देशी गायों की छोटी यूनिट स्थापित की जा सकेगी। इस छोटी यूनिट की कुल लागत दो लाख रुपये है, जिसमें पशुपालकों को 40 प्रतिशत का अनुदान यानी अधिकतम 80 हजार रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। इस विशेष योजना में जनपद को कुल 28 का लक्ष्य आवंटित किया गया है।
जानिए उन्नत स्वदेशी गायों की खासियत और दूध क्षमता
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर पीके शर्मा ने बताया कि गीर गाय प्रतिदिन 14 से 16 लीटर तक दूध देती है और इसका बाजार मूल्य लगभग एक लाख रुपये है। साहीवाल गाय भी प्रतिदिन 15 से 16 लीटर दूध देती है और 10 महीने तक दूध दे सकती है। थारपारकर गाय, जिसे ग्रे सिंधी भी कहते हैं, प्रतिदिन 12 से 14 लीटर दूध देती है।
शेड निर्माण के लिए जमीन की बाध्यता में मिली बड़ी छूट
विभाग ने मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में लाभार्थियों के लिए जमीन की बड़ी बाध्यता को लगभग समाप्त कर दिया है। अब पशुपालकों के पास केवल शून्य दशमलव दो हेक्टेयर (0.2 हेक्टेयर) जमीन शेड निर्माण के लिए पर्याप्त मानी जाएगी। इच्छुक पशुपालक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।

