Pilibhit News: माधोटांडा थाना क्षेत्र में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से 8.30 लाख रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस द्वारा सुनवाई न होने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली थी। अब अदालत के कड़े आदेश के बाद पुलिस ने चार नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
चारबाग रेलवे स्टेशन पर जालसाजों से हुई थी मुलाकात
सुखदासपुर नवदिया निवासी पीड़ित शंकरलाल राठौर ने बताया कि एक दिसंबर 2025 को लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर उनकी मुलाकात जय प्रकाश, कमलेश भारती, अभिषेक कुमार और मनोज मिश्रा से हुई थी। इन आरोपियों ने खुद को बड़े अधिकारियों का करीबी बताते हुए झांसा दिया कि वे कई लोगों की सरकारी नौकरी लगवा चुके हैं।
रिश्तेदारों से एकत्र कर दिए थे लाखों रुपये
जालसाजों के झांसे में आकर शंकरलाल ने अपने नौ रिश्तेदारों से कुल 8.30 लाख रुपये एकत्र किए। इसमें प्रीति देवी, डालचंद, राजू, दीपक, दिनेश, आरती, भगवान सिंह, राम दिवाकर और वंदना से रकम ली गई थी। पीड़ित ने यह पूरी धनराशि ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और नकद माध्यमों से आरोपियों को भुगतान कर दी थी।
फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर दी जान से मारने की धमकी
रकम हड़पने के करीब 15 दिन बाद आरोपियों ने पीड़ितों को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा दिए। विभागों में पड़ताल करने पर पता चला कि वहां कोई पद रिक्त ही नहीं था। ठगी का अहसास होने पर जब पैसे वापस मांगे गए, तो आरोपियों ने पांच महीने तक टाला और बाद में जान से मारने की धमकी दी।

