Prayagraj News: उत्तर प्रदेश सरकार प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों का पूरी तरह कायाकल्प करने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत अब इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब और साइंस लेबोरेटरी विकसित की जाएगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर और आधुनिक शिक्षण माहौल उपलब्ध कराना है।
प्रधानाचार्यों को आवश्यकताओं के अनुसार विस्तृत प्रस्ताव भेजने के निर्देश
जिले में वर्तमान समय में कुल 29 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ने सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने का आदेश दिया है। इन प्रस्तावों का गहन परीक्षण करने के बाद इन्हें अंतिम मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा।
जर्जर भवनों की होगी मरम्मत और बनेंगे बहुउद्देश्यीय हॉल
इस विशेष मिशन के तहत वर्षों पुराने और जर्जर हो चुके स्कूल भवनों की मरम्मत कराई जाएगी। जिन विद्यालयों में जगह की कमी है, वहां नए कमरों और बहुउद्देश्यीय हॉल का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए आधुनिक फर्नीचर तथा शुद्ध पेयजल की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत स्कूलों में मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं
- स्मार्ट क्लासरूम और सीसीटीवी कैमरों की फुल प्रूफ व्यवस्था।
- आधुनिक कंप्यूटर लैब और उन्नत विज्ञान प्रयोगशालाओं का निर्माण।
- समृद्ध पुस्तकालय, सुरक्षित चारदीवारी और आकर्षक मुख्य प्रवेश द्वार।
- जर्जर स्कूल भवनों का पूरी तरह नवीनीकरण और मरम्मत कार्य।
- आधुनिक फर्नीचर, स्वच्छ पेयजल और नए शौचालयों का सुदृढ़ीकरण।
निजी स्कूलों की तर्ज पर डिजिटल माध्यम से मिलेगी शिक्षा
आधुनिक संसाधनों से लैस होने के बाद इन स्कूलों में डिजिटल माध्यम से पढ़ाई को बढ़ावा मिलेगा। कंप्यूटर शिक्षा मजबूत होने से छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अधिक बेहतर तरीके से कर सकेंगे। शुरुआत में यह योजना केवल राजकीय विद्यालयों में लागू थी, जिसे अब एडेड स्कूलों तक बढ़ा दिया गया है।

