हिंडन एयरपोर्ट के सात साल पूरे: लखनऊ और प्रयागराज के लिए अब तक शुरू नहीं हो सकीं उड़ानें, सांसद ने लिखा पत्र

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Ghaziabad News: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्थित हिंडन एयरपोर्ट के संचालन को सात साल पूरे हो चुके हैं। इसके बावजूद स्थानीय यात्रियों को लखनऊ और प्रयागराज जैसे महत्वपूर्ण शहरों के लिए यहां से सीधी उड़ान सेवा का लाभ आज तक नहीं मिल सका है।

दोनों बड़े शहरों के लिए हवाई सफर की भारी जरूरत को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधि लंबे समय से लगातार प्रयास कर रहे हैं। कई बार शासन स्तर पर हुए पत्राचार और बैठकों के बाद भी गाजियाबाद और आसपास के लोगों को दिल्ली एयरपोर्ट की दौड़ लगानी पड़ रही है।

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अब लखनऊ जाने वाले यात्रियों के पास नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में एक नया विकल्प भी मौजूद है। हालांकि, अगर हिंडन एयरपोर्ट से यह हवाई सुविधा जल्द शुरू हो जाती है, तो वेस्ट यूपी के लोगों का कीमती समय और भागदौड़ दोनों काफी बच जाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 मार्च 2019 को इस डोमेस्टिक एयरपोर्ट का भव्य उद्घाटन किया था। इसके बाद 11 अप्रैल 2019 को पिथौरागढ़ के लिए पहली नौ सीटर फ्लाइट ने उड़ान भरी थी। तभी से लखनऊ और प्रयागराज के लिए भी दावे किए जा रहे थे।

हवाई सेवा न होने से गाजियाबाद, साहिबाबाद, मोदीनगर, मुरादनगर और मेरठ के निवासियों को मजबूरी में दिल्ली या नोएडा एयरपोर्ट जाना पड़ता है। मंगलवार को स्थानीय सांसद और एयरपोर्ट सलाहकार समिति के अध्यक्ष अतुल गर्ग ने मंत्रालय को इस संबंध में पत्र लिखा है।

दिल्ली और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दूरी बनी बड़ी मुसीबत

गाजियाबाद और मेरठ शहर से नोएडा और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट की वास्तविक दूरी काफी ज्यादा है। गाजियाबाद से दिल्ली का आईजीआई एयरपोर्ट करीब 43 किलोमीटर दूर है, जहां सामान्य ट्रैफिक में भी पहुंचने में कम से कम डेढ़ घंटे का समय लग जाता है।

इसके अलावा इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स पर सिक्योरिटी चेक-इन और बोर्डिंग प्रक्रियाओं में भी अतिरिक्त समय नष्ट होता है। इसके चलते यात्रियों को फ्लाइट पकड़ने के समय से करीब तीन घंटे पहले अपने घर से हर हाल में निकलना पड़ता है, जिससे परेशानी होती है।

गाजियाबाद से जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की दूरी लगभग 68 किलोमीटर बैठती है। मेरठ से दिल्ली एयरपोर्ट करीब 89 किलोमीटर दूर है, जहां पहुंचने में ढाई घंटे लगते हैं। वहीं मेरठ से नोएडा एयरपोर्ट की दूरी 121 किलोमीटर है, जिससे ट्रेवल कॉस्ट बढ़ती है।

वर्तमान में आठ शहरों के लिए कनेक्टिविटी और एटीसी अपग्रेड की तैयारी

हिंडन एयरपोर्ट से वर्तमान में इंडिगो और स्टार एयर जैसी प्राइवेट एयरलाइंस बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, वाराणसी, नवी मुंबई, नांदेड़, आदमपुर और मुंद्रा के लिए अपनी सर्विस दे रही हैं। जबकि पिथौरागढ़, देहरादून और जयपुर जैसी कई उड़ानें तकनीकी कारणों से बंद हो चुकी हैं।

हिंडन एयरपोर्ट अभी पूरी तरह से भारतीय वायु सेना के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सिस्टम का इस्तेमाल करता है। इस वजह से यहां उड़ानों का संचालन केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही सीमित है। अब सूरज ढलने के बाद रात में भी ऑपरेशन शुरू करने की बड़ी तैयारी है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) एटीसी टावर पर अपने खुद के सिविल कर्मचारियों को तैनात करने के प्रस्ताव पर काम कर रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड होने और एयरक्राफ्ट पार्किंग की क्षमता बढ़ने के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सहयोग से नई उड़ानें शुरू होंगी।

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