सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार के खिलाफ हिमाचल सरकार सख्त, भ्रामक खबरों पर नकेल कसने की तैयारी

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने सोशल मीडिया (Social Media) पर राज्य सरकार और मंत्रियों के खिलाफ चल रहे कथित दुष्प्रचार को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में इस गंभीर मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण बैठक

राजधानी शिमला में आयोजित इस बैठक (Meeting) में उद्योग मंत्री हर्ष वर्धन चौहान और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उपसमिति ने इंटरनेट पर बिना किसी नियंत्रण के चल रहे डिजिटल प्लेटफॉर्मों (Platforms) के तौर-तरीकों और उनकी जवाबदेही पर गहरी चिंता जताई।

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एजेंडे के तहत सरकार की छवि बिगाड़ने का आरोप

बैठक में मंत्रियों ने कहा कि कुछ लोग एक तय एजेंडे (Agenda) के तहत सरकार की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। इन सोशल मीडिया माध्यमों पर वर्तमान में कोई सरकारी नियंत्रण नहीं है। ये लोग सरकार की जनहित नीतियों के बारे में गलत जानकारी फैला रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत बनेगा कानून

मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने इन बेलगाम इंटरनेट माध्यमों को सख्त कानूनी दायरे में लाने पर गहन विचार-विमर्श किया। इस दौरान देश की सर्वोच्च अदालत, सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के पुराने आदेशों और विभिन्न कानूनी प्रावधानों को भी ध्यान में रखा गया, ताकि नियमों का उल्लंघन न हो।

अधिकारियों को पंद्रह दिनों में ड्राफ्ट बनाने का निर्देश

उपमुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को इस पूरे विषय पर एक मजबूत कानूनी खाका या ब्लूप्रिंट (Blueprint) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सरकार अगले पंद्रह दिनों के भीतर इसके लिए नए नियम (Rules) बनाएगी, जिससे भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

यह उपसमिति अपनी अंतिम रिपोर्ट (Report) को बहुत जल्द कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए पेश करेगी। मुकेश अग्निहोत्री ने स्पष्ट किया कि प्रिंट मीडिया और उनके डिजिटल चैनल (Channels) पूरी जिम्मेदारी से काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ स्वतंत्र अकाउंट्स जानबूझकर माहौल खराब कर रहे हैं।

सरकार इंटरनेट पर लोगों की अभिव्यक्ति की आजादी (Freedom of Speech) का पूरा सम्मान करती है। इसके बावजूद समाज में नफरत और झूठ फैलाने वाली सामग्री को रोकने के लिए एक मजबूत सिस्टम (System) बनाना अब बेहद जरूरी हो गया है। कमेटी सभी तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है।

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