हरियाणा सरकार की बड़ी पहल, महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पतालों में खुलेंगे विशेष ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’ क्लीनिक

- Advertisement -

Haryana News: हरियाणा सरकार ने महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना की शुरुआत की है। राज्य के चुनिंदा सब-डिस्ट्रिक्ट (उपमंडल) अस्पतालों में अब ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ (एसएनएसपी) क्लीनिक स्थापित किए जाएंगे। इन विशेष क्लीनिकों में महिलाओं को विभिन्न बीमारियों की जांच, डॉक्टर से परामर्श, जरूरी टीकाकरण और रेफरल जैसी स्वास्थ्य सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी।

स्वास्थ्य महानिदेशक पंचकूला की तरफ से इस नई व्यवस्था को लेकर सभी संबंधित जिलों के सिविल सर्जनों को कड़े दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। राज्य सरकार की यह नई कल्याणकारी स्वास्थ्य पहल मुख्यमंत्री के चालू वित्त वर्ष 2026-27 के बजट भाषण में की गई महत्वपूर्ण घोषणा के तहत जमीनी स्तर पर लागू की जा रही है।

- Advertisement -

प्रदेश के नौ जिलों के दस बड़े उपमंडल अस्पतालों का चयन

इस योजना के पहले चरण में जिला नागरिक अस्पतालों के पोस्ट-पार्टम सेंटर (पीपीसी) में इन क्लीनिकों को सफलतापूर्वक शुरू किया गया था। अब सरकार इस सेवा का विस्तार चरणबद्ध तरीके से ब्लॉक स्तर के अस्पतालों में कर रही है। मुख्यालय के आदेशानुसार प्रदेश के 9 मुख्य जिलों के 10 बड़े सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पतालों को इस विशेष व्यवस्था के लिए चिन्हित किया गया है।

इन चिन्हित अस्पतालों में अंबाला कैंट, नारायणगढ़, टोहाना, नारनौंद, समालखा, शाहबाद, जगाधरी, डबवाली, बहादुरगढ़ और महेंद्रगढ़ उपमंडल अस्पताल शामिल हैं। मुख्यालय ने सभी संबंधित अस्पताल प्रशासनों को अगले चार दिनों के भीतर क्लीनिक के लिए तय किए गए स्थान की लाइव फोटो के साथ पूरी तैयारी रिपोर्ट अनिवार्य रूप से भेजने के आदेश दिए हैं।

कैंसर स्क्रीनिंग और टीकाकरण समेत मिलेंगी कई जरूरी सुविधाएं

इन नए क्लीनिकों का मुख्य उद्देश्य 9 से 65 वर्ष तक की आयु वर्ग की महिलाओं से जुड़ी सामान्य और गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान करना है। यहाँ महिलाओं के स्वास्थ्य का पूरा डेटा तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही स्तन कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की स्क्रीनिंग, पोषण गाइडेंस और मानसिक स्वास्थ्य परामर्श की मुफ्त सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

सरकार की इस विशेष गाइडलाइन के अनुसार क्लीनिकों में लड़कियों के एचपीवी टीकाकरण कवरेज को बढ़ाने पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा महिलाओं को किशोरावस्था की समस्याओं, रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज), ऑस्टियोपोरोसिस, दिल की बीमारियों और स्त्री रोग से जुड़ी अन्य दिक्कतों के प्रति जागरूक किया जाएगा। प्रत्येक क्लीनिक के संचालन के लिए एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त होगा।

- Advertisement -

बड़ी खबरें

Topics

Related Articles