New Delhi News: नीति आयोग ने देश की वीजा प्रणाली को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार, ई-वीजा जैसी आधुनिक सुविधाओं के आने के बाद भी भारत की वीजा प्रणाली अब तक अन्य प्रमुख देशों की तरह पूरी तरह से सरल और पर्यटन अनुकूल नहीं बन सकी है।
नीति आयोग की ‘पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में वृद्धि की संभावनाएं सृजित करना’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में वीजा नियमों को आसान बनाने की जरूरत पर जोर दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बदलाव जरूरी हैं।
इस महत्वपूर्ण रिपोर्ट को जारी करते हुए केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आतिथ्य यानी हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कई तरह के लाइसेंस लेने की जटिल प्रक्रियाएं निवेशकों के बीच एक तरह की अनिश्चितता पैदा करती हैं।
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि वह अनुपालन संबंधी जरूरी नियमों को पूरी तरह समाप्त करने के पक्ष में बिल्कुल नहीं हैं। बल्कि वह इन सभी मंजूरियों को पारदर्शी, समय-सीमा के भीतर पूरा होने वाला और बेहद सरल बनाने की जरूरत पर विशेष जोर दे रहे हैं।
पर्यटन को डिजिटल बढ़ावा देने के लिए गूगल इंडिया के साथ हुआ बड़ा समझौता
देश के पर्यटन उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने मंगलवार को तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन यानी एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका मकसद डिजिटल प्रचार को मजबूत करना है।
इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य आधुनिक डिजिटल प्रौद्योगिकियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा आधारित सटीक जानकारी के जरिए भारत के खूबसूरत पर्यटन स्थलों का वैश्विक स्तर पर शानदार डिजिटल प्रचार करना और उसे काफी मजबूत बनाना है।
यह एमओयू नई दिल्ली में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में संपन्न हुआ। इस समझौते के तहत पर्यटन मंत्रालय और गूगल इंडिया मिलकर डिजिटल पर्यटन संवर्धन, क्षमता निर्माण और पर्यटकों की सहभागिता बढ़ाने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल करेंगे।

