राशन कार्डधारकों पर चला शासन का चाबुक, आयकर दाताओं के 4000 कार्डों का होगा सत्यापन

Auraiya News: उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला पूर्ति विभाग द्वारा हर महीने राशन कार्डधारकों को निशुल्क राशन बांटा जाता है। जिले में इस समय लगभग साढ़े चार लाख राशन कार्ड धारक मौजूद हैं। हालांकि, विभाग को जिले में कई अपात्र लोगों के भी राशन कार्ड बने होने की गंभीर आशंका है।

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आयकर दाताओं की सूची में शामिल मिले 4000 नाम

शासन के सख्त निर्देश पर जिले के ऐसे चार हजार राशन कार्डधारकों का सघन सत्यापन किया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि इन कार्डधारकों के नाम आयकरदाताओं (इनकम टैक्स पेयर्स) की सूची में भी शामिल हैं। इसके बाद विभाग ने इन सभी संदिग्ध नामों की पात्रता जांचने की कार्रवाई तेज कर दी है।

जानिए क्या हैं राशन कार्ड के लिए जरूरी पात्रता नियम

नियमों के मुताबिक राशन कार्ड बनवाने के लिए शहरी क्षेत्र के परिवार की कुल सालाना आय तीन लाख रुपये से कम होनी चाहिए। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये या उससे कम होना अनिवार्य है। इसके अलावा आवेदनकर्ता के घर में एसी, चार पहिया वाहन और कोई आयकर दाता नहीं होना चाहिए।

गलत जानकारी देने वालों के राशन कार्ड होंगे निरस्त

जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि पिछले एक साल में बने सभी नए राशन कार्डों का गहन सत्यापन किया जा रहा है। अगर जांच में यह पुष्टि होती है कि किसी कार्डधारक ने गलत या झूठी जानकारी देकर अपना कार्ड बनवाया है, तो उसका राशन कार्ड तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा।

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