सिरसा महिला पुलिस थाने पर हुए खतरनाक ग्रेनेड हमले में एनआईए का बड़ा एक्शन, दो पाकिस्तानी आकाओं समेत नौ पर चार्जशीट दर्ज

Haryana News: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सिरसा के महिला पुलिस थाने पर हुए खतरनाक ग्रेनेड हमले के मामले में बहुत बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने पंचकूला की विशेष अदालत में कुल नौ खतरनाक आरोपियों के खिलाफ अपनी पहली चार्जशीट आधिकारिक तौर पर दाखिल कर दी है।

- Advertisement -

केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा दाखिल इस चार्जशीट में दो पाकिस्तानी नागरिक भी मुख्य रूप से शामिल हैं। यह भीषण आतंकी हमला नवंबर 2025 में हुआ था। इस वारदात ने देश की सभी आंतरिक सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क और हैरान कर दिया था।

एनआईए ने कोर्ट को बताया कि पाकिस्तान के शाहजाद भट्टी और सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलोच इस पूरे हमले के मुख्य मास्टरमाइंड हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक यह हमला पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकी बने शाहजाद भट्टी की सोची-समझी साजिश थी।

उसका मुख्य मकसद भारत में पुलिस ठिकानों और सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाना था। वह देश में बड़े पैमाने पर दहशत और आतंक फैलाना चाहता था। गिरफ्तार किए गए सात अन्य भारतीय आरोपियों में धीरज उर्फ धीरू और विकास उर्फ विक्की शामिल हैं।

- Advertisement -

सोशल मीडिया के जरिए जाल में फंसाए गए थे भारतीय युवा

एनआईए की गहन जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पाकिस्तानी आका शाहजाद भट्टी और उसका साथी सोहेल बलोच इंटरनेट पर सक्रिय थे। वे एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय युवकों को लालच देकर अपने जाल में फंसा रहे थे।

उन्होंने इन स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथी सोच की ओर धकेला। इसके बाद उन्हें देश के खिलाफ बड़े हमलों के लिए तैयार किया गया। जांच में पता चला कि धीरज उर्फ धीरू भारत में बैठा शाहजाद भट्टी का मुख्य ग्राउंड ऑपरेटिव था।

वह स्थानीय मॉड्यूल के साथ मिलकर सभी आतंकी हमलों की योजना बना रहा था। आरोपियों ने धमाके से पहले कई महत्वपूर्ण सरकारी ठिकानों की रेकी की थी। इसके बाद ही सिरसा के महिला पुलिस स्टेशन को हमले के लिए फाइनल चुना गया।

हमले में इस्तेमाल किए गए खतरनाक मिलिट्री ग्रेड ग्रेनेड को हासिल करने के लिए सभी आरोपी विशेष रूप से पंजाब के अमृतसर गए थे। वहां उन्होंने गुरजंत सिंह नामक तस्कर से यह विस्फोटक सामग्री ली और फिर वारदात को अंजाम दिया।

प्रचार और दहशत फैलाने के लिए मोबाइल से बनाया था हमले का वीडियो

जांच एजेंसी के अनुसार 25 नवंबर 2025 को आरोपियों ने महिला थाने पर ग्रेनेड फेंका था। दहशतगर्दों ने इस धमाके का एक लाइव वीडियो भी मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड किया था। वे इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करना चाहते थे।

हमला करने के बाद सभी आरोपी लगातार अपने पाकिस्तानी हैंडलर के साथ सीधे संपर्क में बने हुए थे। एनआईए ने ठोस डिजिटल, इलेक्ट्रॉनिक और फॉरेंसिक सबूतों के आधार पर पूरी फंडिंग और विस्फोटक सप्लाई चैन का पर्दाफाश कर दिया है।

अदालत में दाखिल इस चार्जशीट में सभी आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ेंगी।

एनआईए के अधिकारियों का कहना है कि इस संवेदनशील मामले की कानूनी जांच अभी भी जारी है। जांच एजेंसी इस अंतरराष्ट्रीय साजिश के बड़े नेटवर्क, विदेशी फंडिंग चैनलों का पता लगा रही है। फरार चल रहे आरोपियों की तलाश तेज है।

Author: Raj Thakur

- Advertisement -

बड़ी खबरें

Topics

पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले सोशल मीडिया पर मिली धमकी, जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

Melbourne News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित ऑस्ट्रेलिया दौरे...

Related Articles