SDM Chaiwala Kota: 12 सरकारी नौकरियों में फेल होने के बाद कोटा में खोली चाय की दुकान, अब हर महीने छाप रहे सरकारी अफसर से दोगुना पैसा

Rajasthan News: राजस्थान का कोटा शहर वैसे तो देश भर में आईआईटी और मेडिकल की तैयारी कराने वाले कोचिंग सेंटरों के लिए जाना जाता है। लेकिन आज कल इसी कोटा के जवाहर नगर इलाके में एलन समुन्नत बिल्डिंग के ठीक सामने लगने वाली एक चाय की दुकान सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक भारी चर्चा का विषय बनी हुई है।

- Advertisement -

इस बेहद मशहूर दुकान को चलाने वाले शख्स का नाम गोपाल सिंह है, जिन्हें पूरा कोटा अब बड़े ही सम्मान से ‘SDM चायवाला’ के नाम से बुलाता है। कभी खुद सिविल सेवा का बड़ा अधिकारी बनने का सपना लेकर कोटा आए गोपाल आज अपनी चाय और वड़ा पाव बेचकर हर महीने लगभग 1,00,000 रुपये कमा रहे हैं।

जब 12 प्रतियोगी परीक्षाओं में मिली करारी हार

गोपाल सिंह मूल रूप से राजस्थान के झालावाड़ जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने अपने जीवन में सरकारी नौकरी पाने के लिए एलडीसी, पटवारी, ग्राम सेवक, राजस्थान पुलिस कॉन्स्टेबल, फॉरेस्ट गार्ड और आरएएस (RAS) समेत करीब 10 से 12 बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में पूरी ताकत से हिस्सा लिया था।

लगातार दिन-रात कड़ी मेहनत करने के बावजूद किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और वह कभी भी किसी परीक्षा के फाइनल राउंड में नहीं चुने जा सके। बार-बार मिली इन नाकामियों और कोरोना महामारी के काले दौर में उन्होंने भयंकर आर्थिक तंगी का सामना किया, लेकिन कभी हिम्मत नहीं हारी।

- Advertisement -

साल 2022 में ऐसे हुई ‘SDM चायवाला’ की शुरुआत

लगातार मिल रही असफलताओं के बाद साल 2022 में गोपाल ने कोटा के जवाहर नगर में अपनी एक छोटी सी दुकान खोली और उसका नाम ‘SDM चायवाला’ रख दिया। गोपाल का अक्सर मानना है कि अगर वह सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) बन भी जाते तो उनकी शुरुआती सरकारी सैलरी सिर्फ 56,000 रुपये होती।

उनका कहना है कि किस्मत उन्हें बिजनेस के जरिए एक ज्यादा आजाद और फायदेमंद रास्ते पर ले आई है। अगर वह सरकारी अधिकारी बनते तो नियमों और कानूनों के दायरे में बंधे होते, लेकिन आज वह अपनी मर्जी के मालिक हैं और खुद ही अपनी दुकान के सबसे बड़े बॉस हैं।

मेहनत की बदौलत पूरे किए अपने सभी लाइफ टारगेट

गोपाल सिंह का सपना बहुत सीधा-सादा और साफ था। वह समाज में पूरी गरिमा और सम्मान के साथ जीना चाहते थे, अपना एक खुद का पक्का घर बनाना चाहते थे और एक चमचमाती कार खरीदना चाहते थे। अपने इस छोटे से फूड स्टार्टअप के जरिए उन्होंने बहुत कम समय में यह सब कुछ हासिल कर लिया है।

गोपाल का अब पक्का यकीन हो चुका है कि जिंदगी में मिलने वाली हर एक नाकामी वास्तव में किसी बहुत बड़े सफर की शुरुआत होती है। आज कोटा के कोचिंग स्टूडेंट्स के बीच उनकी कड़क चाय और स्वादिष्ट वड़ा पाव का स्वाद बेहद मशहूर हो चुका है, जिसे खाने लोग दूर-दूर से आते हैं।

चाय के साथ युवाओं को देते हैं ‘मोटिवेशन’ की घुट्टी

गोपाल अपनी दुकान पर सिर्फ खाने-पीने की चीजें ही नहीं बेचते, बल्कि पढ़ाई के भारी दबाव में जी रहे स्टूडेंट्स की हिम्मत भी लगातार बढ़ाते हैं। वह छात्रों को सलाह देते हैं कि परीक्षा में कम नंबर आने या फेल होने पर कोई भी गलत कदम उठाने से पहले अपने माता-पिता के चेहरे को जरूर याद करें।

गोपाल सिंह युवाओं को यह भी सुझाव देते हैं कि स्टूडेंट्स को अपनी पढ़ाई के साथ-साथ छोटा-मोटा पार्ट-टाइम काम भी जरूर करना चाहिए। इससे वे आर्थिक रूप से पूरी तरह आजाद और आत्मनिर्भर बन सकेंगे। परीक्षा में फेल होने का मतलब किसी भी कीमत पर जिंदगी का खत्म होना बिल्कुल नहीं होता है।

Author: Manish Rathore

- Advertisement -

बड़ी खबरें

Topics

पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले सोशल मीडिया पर मिली धमकी, जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां

Melbourne News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित ऑस्ट्रेलिया दौरे...

Related Articles