Bihar News: मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित प्रसिद्ध प्रसाद हॉस्पिटल में देर रात भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती 10 मरीजों की मौत की आशंका है। इस भयावह घटना के बाद से पूरे उत्तर बिहार में हड़कंप मच गया है और प्रशासन मुस्तैदी से जांच में जुट गया है।
अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू वार्ड से तड़के अचानक आग की तेज लपटें और जहरीला धुआं उठने लगा। देखते ही देखते जहरीले धुएं ने पूरे वार्ड को अपनी चपेट में ले लिया। उस वक्त वहां 20 से अधिक गंभीर मरीज भर्ती थे, जिन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका।
दमकल कर्मियों ने खिड़कियां तोड़कर चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की एक दर्जन गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। अग्निशमन अधिकारी आरएन पाण्डेय के नेतृत्व में बचाव दल ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। दमकल कर्मियों ने आईसीयू और अन्य कमरों के दरवाजे तथा खिड़कियां तोड़कर अंदर फंसे मरीजों को बाहर निकालना शुरू किया।
बचाव दल ने स्थानीय लोगों की मदद से 20 से अधिक बेहद गंभीर मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके तुरंत बाद प्रशासन ने सभी झुलसे हुए मरीजों को इलाज के लिए एम्बुलेंस से दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया। वर्तमान में शहर के विभिन्न अस्पतालों में इन सभी का डॉक्टरों की देखरेख में इलाज चल रहा है।
पांचवें फ्लोर पर हादसा होने से बचाव में आई मुश्किलें
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रसाद हॉस्पिटल की पांचवीं मंजिल पर आईसीयू होने और चौथे फ्लोर पर वेटिंग हॉल होने के कारण राहत कार्य में काफी बाधा आई। संकरी जगह और घने काले धुएं के कारण दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। राहत दल ने करीब एक घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया।
अस्पताल परिसर में अचानक लगी इस भीषण आग का शुरुआती कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लेकर मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के सख्त आदेश दिए हैं। फॉरेंसिक टीम भी साक्ष्य जुटाने में लगी है।
हादसे के बाद से अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मची हुई है और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल है। पुलिस प्रशासन अब इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले अभागे मरीजों की शिनाख्त करने की कोशिश कर रहा है। इसके साथ ही अस्पताल में हुए नुकसान का सटीक आकलन भी किया जा रहा है।
Author: Amit Yadav

