झारखंड के पलामू में मिलावटी सरसों तेल ने ली एक ही परिवार के छह लोगों की जान, पसरा मातम

Palamu News: झारखंड के पलामू जिले के सिक्का गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां मिलावटी सरसों तेल के सेवन से एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत हो गई। डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि इन मौतों की वजह एपिडेमिक ड्रॉप्सी बीमारी है।

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पलामू के सिविल सर्जन डॉक्टर अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यह कोई रहस्यमयी बीमारी नहीं है। परिवार ने जिस सरसों तेल का इस्तेमाल किया, उसमें आर्जेमोन मेक्सिकाना यानी कटैला के बीज का तेल मिला हुआ था। इसी वजह से परिवार के लोग इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आ गए।

पीड़ित अनुज महतो के परिवार में मौतों का सिलसिला 19 जून को पिता कुलदीप महतो से शुरू हुआ। इसके बाद उनकी बड़ी बहन बबीता कुमारी की जान गई। अनुज बेंगलुरु से तुरंत घर लौटे, लेकिन वह अन्य सदस्यों को भी नहीं बचा सके। उनकी पत्नी श्वेता और छोटी बहन इंदु ने भी दम तोड़ दिया।

अस्पताल के आईसीयू में इलाज के दौरान अनुज के भाई नकुल महतो और मां लाखो देवी की भी मौत हो गई। इस पूरे परिवार में सिर्फ सुनील महतो ही जीवित बचे हैं, जो अब धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि शुरुआत में उल्टी और पैरों में भारी सूजन आने लगी थी।

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जांच रिपोर्ट में सरसों तेल में मिलावट की पुष्टि

सिविल सर्जन के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने घर से सरसों तेल और अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए थे। मेडिकल कॉलेज और स्टेट फूड टेस्टिंग लैब की जांच रिपोर्ट में आर्जेमोन तेल की मौजूदगी पाई गई। यह तेल इंसानी स्वास्थ्य और जिंदगी के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, आर्जेमोन मेक्सिकाना एक जंगली पौधा है, जिसके तेल में सैंग्विनारिन नाम का जहरीला तत्व होता है। यह तत्व शरीर के अंगों को भारी नुकसान पहुंचाता है। इसके प्रभाव से फेफड़ों में सूजन आती है, जिससे दिल का दौरा पड़ने और किडनी फेल होने का खतरा बढ़ जाता है।

प्रशासन प्रभावित परिवार को देगा हर संभव मदद

डॉक्टर श्रीवास्तव ने दावा किया कि साल 2011 के बाद भारत में एपिडेमिक ड्रॉप्सी का यह पहला मामला है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर गांव के 195 घरों का सर्वे किया है। राहत की बात यह है कि किसी अन्य ग्रामीण में इस बीमारी के लक्षण नहीं मिले हैं।

इलाज के कारण अनुज महतो का परिवार भारी कर्ज में डूब गया है। पलामू के जिलाधिकारी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजा देने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि परिवार को रोजगार से जोड़ा जाएगा और भविष्य के लिए गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

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