Maharashtra TET 2026: महाराष्ट्र टीईटी प्रश्नपत्र लीक मामले में तीन और गिरफ्तार, अब तक सात आरोपी पुलिस हिरासत में

Mumbai News: महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी-2026 का प्रश्नपत्र कथित तौर पर लीक होने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जांच टीम ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही अब तक इस मामले में पकड़े गए कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर सात हो गई है।

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महाराष्ट्र सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने इन तीन नए आरोपियों को दबोचा है। पुलिस अधिकारियों ने पकड़े गए आरोपियों की पहचान सोनू सिंह, मिथुन सिंह और कपिल दहिया के रूप में की है। एसआईटी इन सभी आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके।

स्थानीय कोर्ट ने आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेजा

विशेष जांच दल ने तीनों नए आरोपियों को 2 जुलाई 2026 को स्थानीय मजिस्ट्रेट की अदालत के समक्ष पेश किया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस के अनुसार इस व्यापक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए पूछताछ बेहद जरूरी है।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी)-2026 का आयोजन 28 जून को होना था। लेकिन परीक्षा शुरू होने से ठीक एक दिन पहले 27 जून को इसे अचानक स्थगित कर दिया गया। ठाणे जिला पुलिस को परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र का एक बड़ा हिस्सा लीक होने की पुख्ता जानकारी मिली थी।

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पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई में तीन लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था, जिसके बाद सरकार ने तुरंत सख्त कदम उठाए। एसआईटी की गहन जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि इस पेपर लीक गिरोह का जाल दिल्ली, आगरा, बिहार और हरियाणा जैसे कई राज्यों तक फैला हुआ था।

बिहार से हुई गिरोह के सरगना की पत्नी की गिरफ्तारी

इस कूटनीतिक नेटवर्क को खंगालते हुए जांच दल ने गिरोह के कथित मास्टरमाइंड विजेंद्र गुप्ता की पत्नी सुमन कुमारी गुप्ता को बिहार के पटना से गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और बैंक खातों के वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच की। इसके बाद ही मुख्य आरोपी से उसके संबंधों की पुष्टि हुई थी।

एसआईटी अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी विजेंद्र गुप्ता और उसके अन्य साथियों का सुराग लगाने के लिए कई राज्यों में विशेष टीमें भेजी गई हैं। देशव्यापी नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के ठीक बाद सामने आए इस नए टीईटी घोटाले से महाराष्ट्र के लगभग छह लाख अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है।

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