Uttar Pradesh News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अयोध्या दौरे के दौरान एक बार फिर सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। राम जन्मभूमि परिसर में नवनिर्मित शिव मंदिर पर धर्म ध्वजा फहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम संपूर्ण राष्ट्र को जोड़ने का सबसे बड़ा माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पांच सौ वर्षों के कड़े संघर्ष और बलिदान के बाद रामलला अपने भव्य महल में विराजमान हुए हैं। अब केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया से श्रद्धालु अयोध्या खिंचे चले आ रहे हैं।
द्वादश ज्योतिर्लिंगों और कृष्ण के जरिए सांस्कृतिक एकता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में शिव और कृष्ण की महिमा का भी बखान किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव ने द्वादश ज्योतिर्लिंगों के माध्यम से देश के कण-कण को आपस में जोड़ा है। वहीं, भगवान श्रीकृष्ण ने पूरब से लेकर पश्चिम तक भारत को एकाकार कर रखा है। सीएम ने कहा कि हमारी यह त्रिमूर्ति—राम, कृष्ण और शिव—भारत की आत्मा हैं। इन्हीं की वजह से सदियों से भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत अटूट बनी हुई है।
डॉ. लोहिया का जिक्र कर विपक्ष पर किया प्रहार
सीएम योगी ने समाजवादी चिंतक डॉ. राममनोहर लोहिया की बातों को याद करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोहिया जी मानते थे कि जब तक देश में राम, कृष्ण और शिव हैं, भारत का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि लोहिया जी के शिष्यों को आज यह बात समझ नहीं आती है। उन्होंने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो पहले राम मंदिर निर्माण का विरोध कर रहे थे।
राम मंदिर आंदोलन के 500 वर्षों के संघर्ष की गाथा
ध्वजारोहण के बाद रामभक्तों को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ भावुक नजर आए। उन्होंने राम मंदिर के लिए चले 500 वर्षों के लंबे संघर्ष का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि हर सनातनी का केवल एक ही सपना था कि प्रभु श्री राम का भव्य मंदिर बने। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद साक्ष्यों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने इस पर मुहर लगाई, जिसके बाद आज यह दिव्य मंदिर दुनिया के सामने है।
राम मंदिर निर्माण के बाद बदल गया देश का माहौल
मुख्यमंत्री ने बंगाल चुनाव प्रचार का उदाहरण देते हुए कहा कि आज पूरे देश में ‘जय श्रीराम’ का उद्घोष हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा के दिन अयोध्या में जो दृश्य दिखा, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। अब प्रतिदिन सवा लाख से ज्यादा लोग रामलला के दर्शन कर रहे हैं। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही और राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।

