Mumbai News: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने देश के बैंकिंग इतिहास के एक बेहद बड़े लोन फ्रॉड मामले में कड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) ग्रुप के पूर्व ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर अमिताभ झुनझुनवाला को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है।
अमिताभ झुनझुनवाला पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के नेतृत्व वाले 11 बैंकों के एक बड़े कंसोर्टियम को 6,000 करोड़ रुपए से अधिक का भारी नुकसान पहुंचाने का बेहद गंभीर आरोप है। रिलायंस ग्रुप में वे कॉर्पोरेट फाइनेंस, बैंकिंग और फंड मैनेजमेंट की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
लोन के पैसों में हेराफेरी का सनसनीखेज आरोप
जांच एजेंसी के मुताबिक, झुनझुनवाला ने विभिन्न बैंकों से लोन और एडवांस स्वीकृत कराने के लिए वरिष्ठ बैंक अधिकारियों के साथ सीधा समन्वय किया था। उनके इशारे पर ही बैंकों से प्राप्त मोटी लोन राशि का प्रबंधन और उपयोग आरकॉम समूह के अन्य अधिकारियों द्वारा किया गया था।
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि लोन की इस राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया, जिससे सरकारी बैंकों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा। कंपनी द्वारा समय पर लोन न चुका पाने की वजह से बैंकों के ये सभी बड़े खाते बाद में एनपीए (गैर-निष्पादित आस्तियां) बन गए।
अनिल अंबानी के खिलाफ दर्ज है मुख्य एफआईआर
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने यह बड़ी कार्रवाई स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से मिली एक आधिकारिक शिकायत के आधार पर की है। सीबीआई ने इस मामले में सीधे रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और इसके मुख्य प्रवर्तक अनिल डी. अंबानी के खिलाफ मुख्य एफआईआर दर्ज की है।
एसबीआई के नेतृत्व में 11 सरकारी बैंकों के समूह ने रिलायंस कम्युनिकेशंस को भारी-भरकम टर्म लोन मंजूर किए थे। इन बैंकों को कुल मिलाकर 6,015 करोड़ रुपए का घाटा हुआ। इसके अलावा, 17 सरकारी बैंकों से संबंधित आरकॉम की कुल देनदारी 19,694.33 करोड़ रुपए थी।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही है बड़ी जांच
जांच एजेंसी ने अलग-अलग सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और एलआईसी की शिकायतों पर आरकॉम, आरएचएफएल, आरसीएफएल और आरटीएल जैसी अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ 6 अन्य एफआईआर भी दर्ज की हैं। इन सभी मामलों की जांच फिलहाल माननीय सर्वोच्च न्यायालय की सख्त निगरानी में चल रही है।
झुनझुनवाला पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दिल्ली में दर्ज एक अन्य मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तिहाड़ जेल में बंद थे। सीबीआई ने मुंबई की विशेष अदालत से पेशी वारंट हासिल किया। इसके बाद एम्स दिल्ली के मेडिकल बोर्ड से फिटनेस सर्टिफिकेट लेकर उन्हें मुंबई लाया गया।
चार्जशीट में बैंक अधिकारियों के नाम भी शामिल
मुंबई की अदालत में पेशी के बाद सीबीआई ने उन्हें आरकॉम धोखाधड़ी मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। अदालत के आदेश पर आरोपी को तुरंत आर्थर रोड जेल भेज दिया गया है। सीबीआई की पुलिस कस्टडी की अर्जी पर कल कोर्ट में दोबारा सुनवाई की जाएगी।
इस बड़े बैंकिंग घोटाले में सीबीआई ने अपनी जांच तेज करते हुए 29 मई 2026 को 16 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दायर की थी। इस चार्जशीट में रिलायंस कम्युनिकेशंस कंपनी, आरकॉम के पांच बेहद वरिष्ठ अधिकारी और मिलीभगत करने वाले 10 बैंक अधिकारी भी शामिल हैं।
Author: Rajesh Kumar

