Supaul News: जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन में शनिवार को एक भव्य दीक्षांत परेड समारोह का आयोजन किया गया। इस गौरवशाली कार्यक्रम में कठिन प्रशिक्षण पूरा करने वाले 217 प्रशिक्षु जवान शामिल हुए। समारोह में कोसी रेंज के डीआईजी डॉ. कुमार आशीष, जिलाधिकारी सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
समारोह के दौरान नए जवानों ने अपनी उत्कृष्ट परेड का शानदार प्रदर्शन किया। कोसी रेंज के डीआईजी और पुलिस अधीक्षक ने परेड का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद सभी जवानों ने कदमताल करते हुए आला अधिकारियों को सलामी दी। कार्यक्रम में देश सेवा और कर्तव्य पालन की पवित्र शपथ भी दिलाई गई।
डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि एक साल के कठिन प्रशिक्षण में जो कुछ भी सीखा है, उसे अब जमीन पर उतारने का समय आ चुका है। आज से आप सभी बिहार पुलिस के अभिन्न अंग बन गए हैं। उन्होंने कहा कि जनता के बीच सरकार का सबसे पहला और असरदार चेहरा पुलिस ही होती है।
जनता से बेहतर संवाद बनाने पर जोर
डीआईजी ने अपने संबोधन में कहा कि पुलिस और पब्लिक के बीच हमेशा सकारात्मक संवाद होना चाहिए। जवानों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा। क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना, दंगा नियंत्रण, धारा 144, चुनाव और सुरक्षा जैसे संवेदनशील मोर्चों पर पुलिस की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।
उन्होंने बीट पुलिसिंग और सेक्टर पुलिसिंग के बढ़ते महत्व पर विशेष जोर दिया। जवानों को निर्देश दिया गया कि वे अपने इलाके में घूमने वाले असामाजिक तत्वों, नशा तस्करों और संगठित अपराधियों पर पैनी नजर रखें। डीआईजी ने साफ शब्दों में कहा कि बिहार पुलिस में जनता के साथ किसी भी प्रकार का अमानवीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसके साथ ही अधिकारियों ने सामुदायिक पुलिसिंग पर भी बल दिया। इसके तहत जनता से सीधा संवाद स्थापित करना, उनकी शिकायतों का त्वरित निवारण करना और समाज में एक भरोसेमंद माहौल तैयार करना शामिल है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि समाज के सहयोग के बिना अपराध पर पूरी तरह लगाम लगाना संभव नहीं है।
सोशल मीडिया और रील कल्चर पर सख्त चेतावनी
डीआईजी डॉ. कुमार आशीष ने नए जवानों को इंटरनेट मीडिया कल्चर से पूरी तरह दूर रहने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने चेतावनी दी कि ऑन-ड्यूटी रील बनाते पकड़े जाने पर संबंधित जवान के खिलाफ तुरंत कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आज के समय में पुलिस का आचरण बेहद साफ और पारदर्शी होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम सभी शीशे के घर में रहते हैं, जहां जनता और मीडिया की नजरें हर वक्त हमारे ऊपर टिकी रहती हैं। यह सोचना बिल्कुल गलत होगा कि वर्दी पहनने के बाद की गई लापरवाही किसी को पता नहीं चलेगी। अधिकारियों ने सभी जवानों को अपने आचरण को शुद्ध रखने और मुस्तैदी से काम करने की सलाह दी।
इस भव्य दीक्षांत समारोह में शानदार प्रदर्शन करने वाले जवानों और प्लाटून कमांडरों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट अंशल श्रीवास्तव, सुपौल के अनुमंडल अधिकारी मनोहर कुमार सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण पूरा होने पर जवानों के परिजनों के चेहरे खुशी से खिले नजर आए।
Author: Amit Yadav

