Jamui News: मनरेगा योजनाओं में फर्जीवाड़े को रोकने के लिए तैनात अधिकारियों की आंखों के सामने बड़ा खेल होता रहा। लेकिन अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक ने पूरी ईमानदारी से जांच कर विभाग को विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है। नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) ऐप में एआई आधारित जांच से बड़े पैमाने पर अनियमितताएं उजागर हुई हैं।
इस डिजिटल जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एक ही मजदूर की फोटो का इस्तेमाल कई अलग-अलग योजनाओं में किया गया। यही नहीं, पुरुष की जगह महिला और महिला की जगह पुरुष की उपस्थिति दर्ज मिली। एआई ने यह भी पकड़ा कि एक ही मजदूर एक ही समय पर दो अलग-अलग कार्यस्थलों पर मौजूद था।
इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए ग्रामीण विकास विभाग ने अब सख्त रुख अपना लिया है। उप विकास आयुक्त सुभाष चंद्र मंडल ने इस वित्तीय गड़बड़ी को देखते हुए जिले के 52 पंचायत रोजगार सेवकों को कड़ा नोटिस जारी किया है। सभी से 22 जून तक स्पष्टीकरण का जवाब मांगा गया है, जिससे बिचौलियों में हड़कंप मच गया है।
झाझा प्रखंड में सामने आई सबसे बड़ी लूट
राज्य मुख्यालय के निर्देश पर एआई तकनीक से जिले के पांच प्रमुख प्रखंडों की जांच की गई थी। इनमें चकाई, झाझा, लक्ष्मीपुर, खैरा और सिकंदरा प्रखंड की मनरेगा योजनाएं शामिल हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, झाझा प्रखंड में सबसे ज्यादा फर्जीवाड़ा मिला है, जहां 20 में से 19 पंचायतों में व्यापक अनियमितताएं पाई गईं।
इस घोटाले की फेहरिस्त में दूसरे स्थान पर सिकंदरा प्रखंड रहा, जहां की 13 में से 12 पंचायतों में फर्जी हाजिरी के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। तीसरे नंबर पर चकाई प्रखंड है, जहां 23 में से 09 पंचायतों में गड़बड़ी पकड़ी गई। वहीं, लक्ष्मीपुर प्रखंड की 13 में से 08 पंचायतों में भी नियमों को ताक पर रखा गया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर एआई तकनीक से जिले की सभी पंचायतों की सघन जांच कराई जाए, तो शायद ही कोई पंचायत साफ-सुथरी बचे। जमीन पर मजदूरों के नाम, उनकी तस्वीरें और अंगूठे के निशान का उपयोग कर सरकारी धन की खुलेआम बंदरबांट की जा रही थी, जिसे तकनीक ने पकड़ लिया।
इन दागी पंचायतों के रोजगार सेवकों पर गिरेगी गाज
विभाग ने जिन पंचायतों के रोजगार सेवकों से जवाब तलब किया है, उनकी सूची जारी कर दी गई है। झाझा प्रखंड के बैजला, बाराजोर, बाराकोला, बोड़वा, चांय, छापा, धमना, हथिया, जामोखरैया, कानन, कनौदी, करहरा, कर्मा, केशोपुर, खुरंडा, महापुर, पैरगाहा, रजलाकला और टेलवा पंचायत के कर्मियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
सिकंदरा प्रखंड के बिछवे, ईंटासागर, खरडीह, कुमार, महादेव सिमरिया, मंजोष, मथुरापुर, मिर्चापाठकचक, गोखुला फतेहपुर, पोहे, सबलबीघा और सिझौड़ी के रोजगार सेवकों से भी जवाब मांगा गया है। चकाई के चौफला, दुलमपुर, कल्याणपुर नावाडीह सहित सात और लक्ष्मीपुर के गौरा, हरला, मटिया समेत आठ कर्मियों को नोटिस दिया गया है। खैरा प्रखंड के भी चार पंचायत कर्मी इस लपेटे में आए हैं।
Author: Amit Yadav

