बीएचयू में भौतिकी के छात्रों की चमकेगी किस्मत, शुरू हुई नई स्कॉलरशिप योजना, जानें किसे मिलेगा सीधा फायदा

Uttar Pradesh News: वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने भौतिकी विषय से स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई कर रहे होनहार और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने ‘श्री ब्रज किशोर तिवारी स्कॉलरशिप’ की स्थापना के लिए बीएचयू-अमेरिका फाउंडेशन के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह नई पहल मेधावी छात्रों को वित्तीय संकट से उबारकर उच्च शिक्षा के नए अवसर प्रदान करेगी।

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भौतिकी विभाग के पूर्व छात्र के सहयोग से मिलेगी सालाना छात्रवृत्ति

इस ऐतिहासिक समझौते के तहत बीएचयू के भौतिकी विभाग के एक पूर्व छात्र ने विश्वविद्यालय को एक बड़ा और उदार वित्तीय सहयोग प्रदान किया है। इस फंड की मदद से हर साल एमएससी भौतिकी के कुल नौ भाग्यशाली विद्यार्थियों को 25,000-25,000 रुपये की स्कॉलरशिप दी जाएगी। इस वित्तीय मदद से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले प्रतिभावान छात्र बिना किसी आर्थिक मानसिक तनाव के अपनी उच्च स्तरीय रिसर्च और पढ़ाई को सुचारू रूप से जारी रख सकेंगे।

जानिए कौन थे स्वर्गीय ब्रज किशोर तिवारी जिनकी स्मृति में शुरू हुई योजना

दाता ने यह विशेष छात्रवृत्ति कोष काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के पूर्व छात्र (सत्र 1940-42) और पूर्व प्राध्यापक (वर्ष 1944 से 1979) स्वर्गीय ब्रज किशोर तिवारी की पावन स्मृति में स्थापित किया है। बीएचयू के जनसम्पर्क अधिकारी ने बताया कि स्वर्गीय तिवारी पूर्वी उत्तर प्रदेश के एक बेहद पिछड़े ग्रामीण इलाके के मध्यमवर्गीय किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे। वे अपने पूरे क्षेत्र के पहले ऐसे व्यक्ति थे जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में एमएससी की डिग्री हासिल की थी।

विद्यार्थियों के सच्चे मार्गदर्शक और प्रिय शिक्षक रहे ब्रज किशोर तिवारी

अपने समय में प्रोफेसर तिवारी बीएचयू के सबसे लोकप्रिय शिक्षकों में गिने जाते थे। उनके पढ़ाए अनेक विद्यार्थी उन्हें अपना सच्चा जीवन मार्गदर्शक मानते थे। वे पढ़ाई पूरी करने और स्नातक होने के बाद भी करियर से जुड़े व्यक्तिगत परामर्श के लिए अक्सर प्रोफेसर तिवारी के घर आते रहते थे। वे अपने सभी छात्रों को हमेशा अपने परिवार के सदस्य की तरह ही स्नेह, सम्मान और सही मार्गदर्शन प्रदान करते थे, जिससे छात्रों का जीवन संवर गया।

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शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगी यह छात्रवृत्ति, इन श्रेणियों को मिलेगा लाभ

विश्वविद्यालय प्रशासन इस नई छात्रवृत्ति योजना को आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पूरी तरह लागू करने जा रहा है। यह स्कॉलरशिप प्रतिवर्ष एमएससी (भौतिकी) कार्यक्रम में नियमित रूप से नामांकित विद्यार्थियों को दी जाएगी। इस कल्याणकारी योजना के अंतर्गत ओपन मेरिट, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के साथ-साथ अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणियों के जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को योग्यता के आधार पर लाभ मिलेगा।

छात्राओं का प्रतिनिधित्व और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का समावेश

इस नई स्कॉलरशिप नीति में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए छात्राओं का समुचित प्रतिनिधित्व भी विशेष रूप से सुनिश्चित किया गया है। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अंतर्गत भविष्य में एक वर्षीय स्नातकोत्तर कार्यक्रम पूरी तरह लागू होने के बाद भी यह छात्रवृत्ति योजना अपने लचीले और समावेशी स्वरूप में बनी रहेगी। यह व्यवस्था आगामी वर्षों में भी बिना किसी तकनीकी बाधा के पात्र विद्यार्थियों को वित्तीय सहयोग देती रहेगी।

कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने जताया पूर्व छात्रों का आभार

इस ऐतिहासिक अवसर पर बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि ब्रज किशोर तिवारी स्कॉलरशिप योग्य और जरूरतमंद विद्यार्थियों को एक सार्थक संबल देगी। यह योजना देश के लिए भावी भौतिकविदों और महान शोधकर्ताओं की एक नई पीढ़ी के निर्माण में बेहद सहायक सिद्ध होगी। कुलपति ने कहा कि पूर्व छात्रों द्वारा प्रेरित इस प्रकार की परोपकारी पहलें विश्वविद्यालय के शैक्षणिक परिवेश को मजबूत बनाती हैं। इसके साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने अरविंद जैन के विशेष प्रयासों के प्रति आभार जताया।

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