Ankara News: वैश्विक संकट के बीच अगले सप्ताह तुर्की की राजधानी अंकारा में नाटो सदस्य देशों का शिखर सम्मेलन होने जा रहा है। यूक्रेन युद्ध, ईरान और लेबनान के तनावपूर्ण हालातों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इसमें हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा प्रस्ताव पास किया जाएगा।
ब्रसेल्स मुख्यालय में तैयार हुआ नाटो सुरक्षा का नया ड्राफ्ट
इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए ब्रसेल्स स्थित नाटो मुख्यालय में शुक्रवार को एक विशेष ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। इस सैन्य संगठन के नियमों के मुताबिक किसी एक सदस्य पर हमला पूरे नाटो पर हमला माना जाता है। ऐसे संकट में अमेरिका के नेतृत्व में सभी देश मिलकर उसका कड़ा जवाब देते हैं।
तुर्की इस पूरे संगठन में एकमात्र मुस्लिम देश है, जिसकी अहमियत इस समय काफी बढ़ गई है। पिछले कुछ हफ्तों से तुर्की और इजरायल के बीच कूटनीतिक रिश्ते काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। ऐसे नाजुक माहौल में सात और आठ जुलाई को अंकारा में होने वाला यह समिट बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
यूक्रेन को अरबों डॉलर की नई सैन्य मदद पर बनेगी सहमति
नाटो देशों ने साल 2026 में रूस के खिलाफ लड़ रहे यूक्रेन को 80 अरब डॉलर की भारी सैन्य मदद देने का फैसला किया है। इस समिट के दौरान अगले साल यानी 2027 में भी यूक्रेन को इतनी ही वित्तीय और सैन्य सहायता जारी रखने की नई डील पर मुहर लग सकती है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हमेशा से नाटो देशों के बजट और उनके कम रक्षा खर्च को लेकर नाराजगी जताते रहे हैं। उनका मानना है कि अन्य सहयोगी देशों के ढीले रवैये के कारण अमेरिका पर रक्षा का आर्थिक बोझ काफी बढ़ जाता है। उन्होंने यूक्रेन और ईरान मामलों पर भी सहयोगियों को कई बार घेरा है।

