50 हजार किलो सोने का महाभंडार! भारत के इस गांव की रातों-रात बदली किस्मत, दुनिया रह गई हैरान

- Advertisement -

Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले का जोन्नागिरी गांव भारत का नया गोल्ड हब बनने जा रहा है। यहां करीब 50 टन यानी 50 हजार किलोग्राम सोने के विशाल भंडार की खोज हुई है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू जल्द ही इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट का आधिकारिक तौर पर उद्घाटन करने जा रहे हैं।

आजादी के बाद से यह देश का पहला बड़े पैमाने का प्राइवेट गोल्ड माइनिंग प्रोजेक्ट है। इसे जियोमैसूर सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी द्वारा विकसित किया गया है। यह पूरा प्रोजेक्ट 598 हेक्टेयर के विशाल क्षेत्र में फैला है। इस खदान से देश की सोने के आयात पर निर्भरता काफी कम होगी।

- Advertisement -

जमीन के नीचे छिपे खजाने का पूरा गणित

आंध्र प्रदेश के खान विभाग के प्रधान सचिव मुकेश कुमार मीना ने अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस खदान के लिए कुल 1,500 एकड़ जमीन दी गई थी। अभी तक केवल 500 एकड़ जमीन पर ही सर्वे पूरा हुआ है। इस शुरुआती हिस्से में 13 टन शुद्ध सोने की पुष्टि हो चुकी है।

बाकी बची 1,000 एकड़ जमीन पर खोज का काम आने वाले समय में शुरू होगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूरा सर्वे होने के बाद कुल भंडार 50 टन तक पहुंच जाएगा। इस खदान में कमर्शियल स्तर पर सोने का उत्पादन पहले ही शुरू किया जा चुका है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।

सोना निकालने की आधुनिक तकनीक और चुनौतियां

सोने के खनन की यह प्रक्रिया बहुत जटिल और खर्चीली है। आजकल सोने की रिकवरी दर में काफी गिरावट आई है। पहले प्रति टन मटीरियल से तीन ग्राम सोना मिलता था, जो अब घटकर एक ग्राम रह गया है। यदि यह दर 0.8 ग्राम से कम हो जाए, तो माइनिंग घाटे का सौदा बन जाती है।

इस माइनिंग साइट पर एक पायलट प्रोसेसिंग प्लांट का सफल ट्रायल पूरा हो चुका है। यह आधुनिक प्लांट रोजाना 1,000 टन अयस्क की प्रोसेसिंग करता है। आने वाले समय में इसकी क्षमता को बढ़ाकर रोजाना 2,500 टन करने की बड़ी योजना है, जिससे देश को सीधा फायदा मिलेगा।

‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मिलेगी नई ताकत

भारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता देश माना जाता है। अपनी घरेलू मांग को पूरा करने के लिए भारत हर साल लगभग 1,000 टन सोना विदेशों से आयात करता है। कच्चे तेल के बाद सोने के आयात पर हमारा देश सबसे ज्यादा विदेशी मुद्रा खर्च करता है।

वर्तमान में भारत का घरेलू सोने का उत्पादन सालाना केवल 1.5 टन के करीब है। नए प्रोजेक्ट के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में ही 800 किलोग्राम रिफाइंड सोना बनाने का बड़ा लक्ष्य है। इसके बाद सालाना उत्पादन को तेजी से बढ़ाकर 1,500 किलोग्राम तक ले जाया जाएगा।

Author: Rahul Sharma

- Advertisement -

बड़ी खबरें

Topics

Related Articles