Uttarakhand News: जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क घूमने की इच्छा रखने वाले वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट नेशनल पार्क में पर्यटकों के लिए नाइट स्टे (रात्रि विश्राम) की लोकप्रिय सुविधा सोमवार से पूरी तरह बंद होने जा रही है।
इस नई पाबंदी के साथ ही कॉर्बेट के सबसे प्रमुख ढिकाला पर्यटन जोन में सुबह और दोपहर की पाली में चलने वाली कैंटर सफारी भी बंद हो जाएगी। इसके अलावा दुर्गादेवी पर्यटन जोन में पर्यटकों को रोमांचक सैर कराने वाली जिप्सी सफारी पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
अब 15 नवंबर से ही मिलेगा जंगल में रुकने का मौका
वन विभाग के नए नियमों के अनुसार, अब पर्यटकों को पार्क के भीतर नाइट स्टे की यह खास सुविधा आगामी 15 नवंबर से ही दोबारा मिल सकेगी। कॉर्बेट पार्क के ढिकाला, बिजरानी, ढेला और झिरना पर्यटन जोन में नाइट स्टे हर साल केवल 15 नवंबर से 14 जून तक ही होता है।
रविवार को पार्क के विभिन्न वन विश्राम गृहों (फॉरेस्ट रेस्ट हाउस) में ठहरे हुए सभी पर्यटक सोमवार सुबह तक हर हाल में बाहर आ जाएंगे। इसके बाद सभी विश्राम गृहों के कमरों में ताले लटक जाएंगे और वहां केवल पार्क के सुरक्षाकर्मी ही तैनात रहेंगे।
मानसून सीजन में पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोपरि
कार्बेट नेशनल पार्क के निदेशक डॉ. साकेत बडोला ने इस फैसले की मुख्य वजह बताई है। उन्होंने कहा कि मानसून सीजन के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए हर साल वन विश्राम गृहों में नाइट स्टे और सफारी को अनिवार्य रूप से बंद कर दिया जाता है।
बरसात के दिनों में घने जंगलों के बीच से बहने वाले नदी-नाले अचानक उफान पर आ जाते हैं। तेज बारिश के कारण वन्यजीवों के इलाकों में बने कच्चे सफारी मार्ग भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। इसके साथ ही आगामी 30 जून से बिजरानी जोन भी पर्यटकों के डे-विजिट के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
Author: Harish Rawat


