आईएएस-आईपीएस बनाने आ गया पतंजलि का नया फॉर्मूला! स्वामी रामदेव और अवध ओझा का बड़ा धमाका

Haridwar News: पतंजलि ने देश की प्रशासनिक सेवा की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। संस्थान ने भारतीय संस्कृति और आधुनिक विज्ञान के समन्वय से अधिकारियों को तराशने के लिए पतंजलि सिविल सेवा अकादमी की शुरुआत की है। इस अनूठी पहल का लक्ष्य देश को राष्ट्रनिष्ठ लोकसेवक देना है।

अकादमी का मुख्य उद्देश्य केवल परीक्षा पास कराना ही नहीं, बल्कि भारत माता की सेवा के लिए समर्पित नागरिक तैयार करना है। पतंजलि इस दिशा में आगे बढ़ते हुए एक करोड़ समर्पित नागरिकों के निर्माण का बड़ा लक्ष्य लेकर चल रहा है, जो देश के विकास में योगदान देंगे।

विरासत और विज्ञान से होगा राष्ट्रीय चरित्र निर्माण

योगऋषि स्वामी रामदेव ने इस नई पहल को शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक योगदान बताया है। उन्होंने कहा कि हमारा देश संविधान से संचालित होता है। लेकिन किसी भी कानून के जमीनी और प्रभावी क्रियान्वयन का असली आधार प्रशासनिक अधिकारियों का उत्तम चरित्र और उनकी कर्तव्यनिष्ठा ही होती है।

स्वामी रामदेव ने बताया कि इस अनूठी अकादमी में विशेष “त्रि-शिक्षा” मॉडल को पूरी तरह अपनाया जाएगा। इस मॉडल के तहत आध्यात्मिक ज्ञान, प्रशासनिक उत्कृष्टता और शैक्षणिक कठोरता का बेहतरीन समन्वय होगा। यह नया पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति और भारतीय ज्ञान परंपरा के सिद्धांतों पर आधारित होगा।

औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त होगा देश का प्रशासन

पूर्व आईएएस अधिकारी डॉ. एन. पी. सिंह ने मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि देश का प्रशासन अभी भी काफी हद तक औपनिवेशिक सोच से प्रभावित दिखाई देता है। अंग्रेजों का मूल उद्देश्य जनता पर शासन करना था, न कि लोककल्याण और सेवा करना।

उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को स्वयं को “शासक” के बजाय जनता का “ट्रस्टी” समझना चाहिए। यह अकादमी भारतीय संविधान की मूल भावना और प्राचीन शुक्रनीति के सिद्धांतों को आत्मसात कराएगी। इससे अधिकारियों के भीतर जनता के प्रति संवेदनशीलता और लोककल्याण की भावना का तेजी से विकास होगा।

प्रसिद्ध सिविल सेवा मार्गदर्शक अवध ओझा संभालेंगे कमान

इस नई अकादमी का नेतृत्व देश के बेहद प्रतिष्ठित शिक्षाविद् और सिविल सेवा मार्गदर्शक अवध ओझा करेंगे। वे पिछले पच्चीस वर्षों में एक हजार से अधिक आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को तराश चुके हैं। अवध ओझा प्रारंभिक एक माह के विशेष सत्र में इतिहास विषय पर मार्गदर्शन देंगे।

अवध ओझा ने बताया कि अकादमी का मुख्य लक्ष्य केवल किताबी जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के विवेक को जागृत करना है। छात्रों में प्रशासनिक चुनौतियों से निपटने की क्षमता विकसित की जाएगी। तैयारी के लिए दिल्ली और देश के अन्य प्रमुख केंद्रों के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों का सहयोग लिया जाएगा।

सात्विक वातावरण में विद्यार्थियों का होगा समग्र विकास

पतंजलि सिविल सेवा अकादमी में विद्यार्थियों के रहने के लिए पूर्णतः आवासीय और सात्विक व्यवस्था की गई है। यहां छात्रों की दिनचर्या योग और प्रार्थना से शुरू होगी। पतंजलि विश्वविद्यालय परिसर में स्थित इस अकादमी में विश्वस्तरीय अधोसंरचना, खेल सुविधाएं और आधुनिक शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।

अकादमी ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए विशेष छात्रवृत्ति और परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों के लिए पुरस्कारों की भी घोषणा की है। इस उद्घाटन अवसर पर डीन साध्वी देवप्रिया, प्रो-वाइस चांसलर मयंक अग्रवाल और रजिस्ट्रार श्री सक्सेना सहित शिक्षा जगत के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

Author: Harish Rawat

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories